केवलारी/छींदा
संवाददाता साबिर खान

घटना शनिवार के दिन की है जब तेज आंधी तूफान से सिवनी जिले के केवलारी विकासखंड में आने वाले रायखेडा सब स्टेशन के समीप रायखेडा से लेकर केवलारीखेड़ा तक 33 के व्ही घंसौर फीडर के दर्जनों खंबे गिर गए, बिजली के नंगे तार रोड में गिर गए, वो तो किसी प्रकार का हादसा नही हुआ नही तो रोड में आवागमन हर वक्त होता रहता है, मानव बस्ती और घर भी समीप में लगे हुए हैं, करेंट कइयों को अपनी चपेट में ले लेता, और कोई बड़ा हादसा हो जाता, लाइन में खतरे के बोर्ड भी नही लगाए गए, जिस 33 केवी लाइन के खंबे गिरे वह लाइन घंसौर से रायखेडा सब स्टेशन आई हुई है, वैसे फिलहाल खम्बो को खड़ा कर लाइन को चालू कर दिया गया है,
खंबे तरीके से गड़े नही, कांक्रीट का आता पता नही ____
गिरे खम्बो को देखने पर पता चला कि खम्बो को तरीका से जमीन के अंदर गड़ाया भी नही गया है, नियमानुसार खम्बो की मूल लंबाई का 1/6 हिस्सा जमीन में गड़ाया जाता है, और उस भाग व गड्ढे को कांक्रीट से भरा जाता है, जिसमे निर्धारित रेशों अनुसार मटेरियल का उपयोग किया जाता है, जबकि मौके में खम्बो को हल्के से गड़ाकर मिट्टी से गड्ढों को भर दिया गया है, जिससे मानसून के पूर्व ही हवा तूफान से खंबे गिरने लगे, और गिरेंगे भी क्यों नहीं कांक्रीट से गड्ढों को भरा ही नहीं गया है,
गुणवत्ताहीन कार्य का ठेकेदार के साथ साथ विभागीय अधिकारी भी दोषी _____
वैसे बिजली विभाग खुद कंपनियों में विभाजित है, सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में बिजली कंपनियों में मैन पॉवर से लेकर विद्युतीकरण के कार्य ठेकेदारी प्रथा से हो रहे हैं, कार्य ठेकेदार से कराया जाता है, जिसमें संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों की भी मुख्य भूमिका रहती है, उनकी निगरानी और मार्गदर्शन में बेहतर काम हो ताकि उसकी दक्षता लंबी हो ये विभाग की प्राथमिकता रहती है, लेकिन इस तरह के काम होने से, 33 केवी लाइन के खम्बो को तरीके से नहीं गड़ाया जाना और कांक्रीट भी नहीं भरना जिससे आंधी तूफान में खम्बो और लाइनों का गिर जाना जिससे बिजली विभाग की पोल खुलती नजर आ रही है, इस तरह के काम में विभागीय अधिकारियों की भी मिलीभगत होती है, मोटा फायदा कमाने के चक्कर में गुणवत्ताहीन काम कराया जाता है,
क्या लाइन की होगी जांच और दोषी ठेकेदार पर होगी ब्लैकलिस्टेड की कार्यवाही _____
इस तरह खम्बो को मिट्टी में गड़ा दिया जाना और आंधी तूफान में गिर जाना जिससे भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार उजागर होता है, लाइन मरम्मत की गारंटी होगी तो ठेकेदार लाइन को फिर खड़ी करेगा, इस लाइन का विभाग सूक्ष्मता से जांच कर ठेकेदार पर कार्यवाही करता है या नहीं या लीपा पोती करता है, ऐसे ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि बिजली एक गंभीर मुद्दा है, बिजली के सभी काम सही और मजबूत होने चाहिए, करेंट से हादसा होने में इस तरह के काम करने वाले ठेकेदारों की भी मुख्य भूमिका रहती है, जिसका खामियाजा आम जनता व विभाग को भुगतना पड़ता है, विभाग के अधिकारी भी मौके में रहकर काम नहीं कराते जिससे ठेकेदार मनमानी करते हैं, जबकि अधिकारियों को सही तरीके से काम करने हेतु निर्देश आदेश जारी होते हैं,
क्या विभाग लाइन को मजबूती दिलाने खम्बो के गड्ढों को कांक्रीट से भरा पाएगा ______
ठेकेदार के इस तरह किए गए लाइन कार्य को नजर अंदाज करना विभाग को आगे भारी पड़ सकता है, कोई बड़ा हादसा हो उससे पहले मिट्टी से भरे गड्ढों को मिट्टी की जगह कांक्रीट से भरने हेतु ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाना चाहिए ताकि आगे कोई ठेकेदार इस तरह की अनियमितताएं न बरत पावे, विभाग को लाइन की जांच भी करना चाहिए





