शहडोल—राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा आज यानी 1 नवंबर 2026 को शहर में एक ऐतिहासिक और भव्य ‘पथ संचलन’ का आयोजन किया जा रहा है। पिछले वर्ष ही संघ ने अपनी स्थापना के गौरवशाली 100 वर्ष पूरे किए हैं। शताब्दी वर्ष के इस ऐतिहासिक पड़ाव को पार कर 101वें वर्ष में प्रवेश करने के बाद, नगर में होने वाले इस पहले बड़े आयोजन को लेकर स्वयंसेवकों में अभूतपूर्व उत्साह, जोश और ऊर्जा देखी जा रही है।
यह पूरा आयोजन “समरस, संगठित, सक्षम राष्ट्र के निर्माण” के महा-संकल्प के साथ किया जा रहा है, जिसमें संघ की पारंपरिक पहचान—शक्ति, अनुशासन और सेवा—का जीवंत संगम देखने को मिलेगा।
🕒 दोपहर 3:00 बजे बुढ़ार रोड से शंखनाद
संघ के प्रमुख पदाधिकारियों के अनुसार, इस भव्य संचलन में शामिल होने वाले सभी स्वयंसेवकों के जुटने का समय दोपहर 3:00 बजे निर्धारित किया गया है।
• मुख्य प्रस्थान केंद्र: बुढ़ार रोड स्थित ‘श्री डी सदन’ (अभयकुंज के ठीक पहले), शहडोल।
• घोष की धुन पर कदमताल: यहाँ सभी स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश (यूनिफॉर्म) में एकत्रित होंगे और घोष (बैंड) की देशभक्ति धुनों पर कदमताल करते हुए मुख्य मार्गों के लिए रवाना होंगे।
🇮🇳 राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश
सन 1925 में विजयादशमी के दिन बेहद छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारवां आज दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन के रूप में स्थापित है। शहडोल की सड़कों पर निकलने वाले इस संचलन के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, समाज सेवा, संगठन की अदम्य शक्ति और हिंदू एकता का एक अनूठा व विहंगम दृश्य देखने को मिलेगा। कतारबद्ध और पूरी तरह अनुशासित स्वयंसेवक शहरवासियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगे।
🌸 पुष्पवर्षा के लिए पलक-पावड़े बिछाए बैठे हैं नगरवासी
संघ के इस ऐतिहासिक पथ संचलन को यादगार बनाने के लिए शहडोल के स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक-व्यापारिक संगठनों ने भी अपनी पूरी कमर कस ली है:
• भव्य स्वागत द्वार: शहर के प्रमुख चौराहों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
• पुष्पवर्षा की तैयारी: स्वयंसेवकों के स्वागत में जगह-जगह फूलों की बारिश करने के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
• प्रशासनिक तालमेल: कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे और आम जनता को यातायात में कोई असुविधा न हो, इसके लिए संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर रूट का प्रबंधन संभाल रहे हैं।
इस भव्य और अनुशासित आयोजन को लेकर पूरे शहडोल नगर में एक पावन और उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
शहडोल से सत्येन्द्र सोनी


