कमीशन न देना सरपंच को पड़ा महंगा, खोनी पडी सरपंची,
फर्जी जांच में फंसाकर पद से हटाया 
बिरसिंहपुर पाली। अमृत सरोवर में कमीशन न देना गिंजरी ग्राम पंचायत के सरपंच को बडा मंहगा पड गया, जिसकी कीमत सरपंच जैसे महत्वपूर्ण पद से हट कर चुकानी पड गई। उमरिया जिले की जनपद पंचायत पाली के ग्राम पंचायत गिंजरी के सरपंच नन्हू सिंह को जिला पंचायत उमरिया के मुख्य कार्य पालन अधिकारी अभय सिंह ओहरिया ने ग्राम पंचायत एवं स्वराज अधिनियम की धारा 40 के रहता कार्यवाही करते हुए पद से पृथक करने की कार्यवाही की है।जिसे सिरे से नकारते हुए सरपंच नन्हू सिंह ने कूटरचित बताते हुए उन पर लगाये गये आरोपों का खंडन करते हुए आयुक्त कार्यालय में आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्षजांच कराने की मांग की है।नन्हू सिंह ने बताया कि हमसे 10% कमीशन की मांग की गयी थी और जब यह राशि उपलब्ध नहीं हुई तो जिला पंचायत के मुखिया के मुखिया से लेकर उपयंत्री और एस डी ओ ने मिलकर कूट रचना करते हुए पद से हटाने की चाल चलते हुए गिंजरी सरपंच को बाहर का रास्ता दिखाया है। जिला पंचायत के इस झूठी कार्यवाही को व्देष पूर्ण मानते हुए सरपंच ने 14 जुलाई 2026 को आयुक्त शहडोल को लिखित ज्ञापन देकर आवेदन की निष्पक्ष जाँच की मांग करते हुए न्याय न मिलने की दशा में आत्मदाह की चेतावनी भी दी है।
कमीशन कांड: बरबसपुर जोगी नाला में बने अमृत सरोवर का काम नियमानुसार हुआ। पर उपयंत्री ने स्वीकृत राशि का 10% कमीशन मांगा। न देने पर 6 महीने तक काम का मूल्यांकन रोके रखा।
फर्जी कागज: 17.12.2025 को बिना मूल्यांकन पत्रक के ही माप-पुस्तिका जनपद में जमा करा दी गई। जनवरी 2026 में मूल्यांकन पर्ची मिली तब जाकर मनरेगा पोर्टल पर बिल चढ़ा, पर राशि न आने से भुगतान नहीं हुआ।
उल्टी कार्रवाई: सरपंच ने उपयंत्री की शिकायत की। जवाब में CEO ने जल संसाधन विभाग उमरिया के कार्यपालन यंत्री से कूटरचित जांच प्रतिवेदन बनवाकर 03.03.2026 को सरपंच को ही धारा 40 में पद से हटा दिया।
धमकी: सरपंच का कहना है जांच के लिए आवेदन देने पर 04.03.2026 को उन्हें धमकी भी दी गई।
सरपंच की मांग
सरपंच नन्हू सिंह ने ज्ञापन में लिखा: “मेरी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर हटाने का आदेश निरस्त किया जाए। अन्यथा मैं आदिवासी सरपंच आत्मदाह कर लूंगा। इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी मुख्य कार्य पालन अधिकारी अभय सिंह ओहरिया और फर्जी जांचकर्ता की होगी।”
उन्होंने 03.07.2026 को संभाग स्तरीय जनसुनवाई में भी गुहार लगाई थी।
सवाल
जब शिकायतकर्ता ही आरोपी बन जाए, तो भ्रष्टाचार कौन रोकेगा? प्रशासनिक अधिकारियों के इस रवैये से जिले भर के जनप्रतिनिधियों में भय का माहौल है।
सरपंचों ने सामूहिक ज्ञापन देकर उपयंत्री की थी शिकायत — मलियागुडा सेक्टर के सभी सरपंचों ने इस क्षेत्र के सभी आदिवासी सरपंचों ने उपयंत्री रश्मि द्विवेदी के विरुद्ध शिकायत करते हुए हटाने की मांग की थी लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की आवाज सुनाई कहा देती है।
अखिलेश द्विवेदी की रिपोर्ट
7879114228



