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एक टूटा हुआ मोनोग्राम बना मर्डर के खुलासे की चाबी हाईवा से कुचलकर हत्या को सड़क दुर्घटना दिखाने की साजिश का नरसिंहपुर पुलिस ने किया पर्दाफाश

Posted on

July 25, 2026

by india Khabar 24

 

• घटनास्थल से मिला एक टूटा हुआ अंग्रेजी अक्षर “A” (मोनोग्राम) बना जांच का सबसे अहम सुराग।
• हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए दो हाईवा का किया गया था इस्तेमाल।
• मुख्य षड्यंत्रकारी सहित सभी प्रमुख आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त हाईवा एवं अन्य लगजरी वाहन जप्त।

 

दिनांक 19 जुलाई 2026 को थाना सुआतला क्षेत्र के इंद्रानगर के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार हाईवा द्वारा सड़क किनारे खड़े 6-7 लोगों को टक्कर मार दी गई, जिसमें राजेन्द्र पटैल की मौके पर ही मृत्यु हो गई एवं अन्य 4 की उपचार के दौरान मृत घोषित किया गया तथा अन्य एक घायल उपचाररत है।
पुलिस अधीक्षक ने स्वयं संभाली जांच की कमान :
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संदीप भूरिया तत्काल रात में घटनास्थल पहुंचे एव लगभग 4-5 घंटे घटनास्थल, आसपास के क्षेत्र एवं रहवासियों से बातचीत कर महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए गए।
एक छोटे से सुराग से हुई घटना में प्रयुक्त वाहन की पहचान :
प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना प्रतीत हो रहा था, लेकिन घटनास्थल के सूक्ष्म निरीक्षण के दौरान सड़क पर वाहन का टूटा हुआ अंग्रेजी अक्षर “A” (मोनोग्राम) मिला। प्रारंभिक जांच में यह संभावना व्यक्त की गई कि उक्त वाहन टाटा कंपनी का हो सकता है। यही छोटा-सा सुराग घटना में प्रयुक्त वाहन की पहचान टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
इसके बाद पुलिस टीमों ने शाहपुरा (जिला जबलपुर) से लेकर घटनास्थल एवं राजमार्ग के विभिन्न चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का घंटों तक विश्लेषण किया। साथ ही तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों का गहन परीक्षण किया गया।
लगातार तकनीकी विवेचना एवं सघन तलाश के परिणामस्वरूप घटना में प्रयुक्त हाईवा डम्पर हीरापुर-बंदरोहा के जंगलों में छिपा हुआ पाया गया, जिससे पूरी जांच को निर्णायक दिशा मिली।
जांच के दौरान पुलिस टीमों ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज एवं मुखबिर तंत्र के आधार पर लगातार जांच की, जिसके दौरान राजा पटैल का घटना स्थल के पास मौजूद रहना एवं उसका संदिग्ध आचरण प्रदर्शित हुआ जिससे उसे संदेह के आधार पर अभिरक्षा में लेकर की गई गहन पूछताछ में ऐसे महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिन्होंने पूरी विवेचना की दिशा बदल दी।
पूछताछ में खुली हत्या की साजिश :
प्रकरण की विवेचना के दौरान संदेही राजा पटैल को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए कि मृतक राजेन्द्र पटेल एवं मुख्य आरोपी आनंद पटेल के बीच लंबे समय से विवाद एवं रंजिश चली आ रही थी। इसी रंजिश के चलते मुख्य आरोपी आनंद पटेल ने मृतक की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, उसकी लोकेशन की जानकारी उपलब्ध कराने का दायित्व राजा पटैल सहित अन्य सहयोगियों को सौंप रखा था तथा उसकी हत्या करने के उद्देश्य से पूर्व नियोजित साजिश रची थी।
मृतक की लोकेशन साझा करने की भूमिका :
पूछताछ में संदेही ने बताया कि घटना के दिन उसने मृतक राजेन्द्र पटेल की लोकेशन एवं पहचान संबंधी जानकारी मोबाइल फोन के माध्यम से मुख्य आरोपी आनंद पटेल को उपलब्ध कराई। संदेही के कथन के अनुसार, यही सूचना घटना की साजिश को अंजाम देने में महत्वपूर्ण आधार बनी।
पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत दो हाईवा डंपरों की तैनाती :
पूछताछ में यह भी सामने आया कि पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत दो हाईवा डंपरों की रणनीतिक रूप से तैनाती की गई थी। इनमें एक हाईवा भोपाल की ओर जाने वाली लेन तथा दूसरा हाईवा जबलपुर की ओर जाने वाली लेन पर रखा गया था, ताकि मृतक जिस दिशा में मिले, उसी अनुसार वारदात को अंजाम दिया जा सके।
हाईवा से टक्कर मारकर घटना को दिया गया अंजाम :
राजा पटैल द्वारा बताई गई मृतक की लोकेशन के बाद अवसर मिलते ही हाईवा वाहन से राजेन्द्र पटेल एवं उसके साथियों को टक्कर मारकर घटना को अंजाम दिया गया, जिससे राजेन्द्र पटेल की मृत्यु हो गई तथा अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
रातभर जंगलों में चला सर्च ऑपरेशन :
साजिश का खुलासा होते ही पुलिस ने भरत पटेल एवं अनिल पटेल दोनों निवासी सुन्दरादेही, जिला जबलपुर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपी घने जंगलों की ओर फरार हो गए।
तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने पूरी रात जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। लगातार दबिश के बाद मुख्य आरोपी आनंद पटैल (लोधी), अनुज पटैल दोनों निवासी सुन्द्रादेही, जिला जबलपुर, अरविन्द पटैल, निवासी ग्राम बम्होरी, जिला दमोह, नरेन्द्र ठाकुर निवासी ग्राम धौराज, जिला दमोह एवं अमित खरे संजीवनी नगर, जबलपुर प्रकरण में कुल 8 आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्रकरण में आरोपियों की भूमिका :
1- आनंद पटैल (लोधी) – मुख्य आरोपी; घटना में प्रयुक्त हाईवा वाहन का चालक एवं पूरे षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार।
2- अनुज पटैल – घटना के समय मुख्य आरोपी आनंद पटैल के साथ हाईवा वाहन में मौजूद रहकर रूप से सहयोगी की भूमिका निभाई।
3- आनंद पटैल – घटना से पूर्व मृतक की गतिविधियों एवं लोकेशन की कथित रूप से रैकी (निगरानी) करने का कार्य किया।
4- अरविन्द पटैल – मृतक की गतिविधियों की सूचना उपलब्ध कराने वाले प्रमुख मुखबिर की भूमिका निभाई।
5- भरत पटेल – मृतक की लोकेशन एवं गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने वाले प्रमुख मुखबिर के रूप में सहयोग किया।
6- अनिल पटैल – घटना के बाद आरोपियों को रूप से शरण एवं सहयोग प्रदान किया।
7- नरेन्द्र ठाकुर – घटना के उपरांत आरोपियों को रूप से शरण देने एवं सहयोग करने की भूमिका निभाई।
8- अमित खरे – घटना को सड़क दुर्घटना (एक्सीडेंट) का स्वरूप देने संबंधी सलाह देकर साक्ष्य छिपाने के प्रयास में सहयोग किया।
जप्ती : आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने— घटना में प्रयुक्त हाईवा डम्पर, काले रंग की महिंद्रा थार, सफेद रंग की टोयोटा फॉर्च्यूनर, घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन विधिवत जप्त किए।
वैधानिक कार्यवाही: आरोपियों के विरूद्ध धारा 105, 109 (1), 103, 61 (2) (क) एवं 249 बीएनएस के तहत प्रकरण में विवेचना जारी है।
सराहनीय भूमिका :
इस चुनौतीपूर्ण एवं संवेदनशील प्रकरण के सफल खुलासे में एसडीओपी, तेन्दूखेडा श्री अभिनव मिश्रा, एसडीओपी नरसिंहपुर, श्री मनोज गुप्ता, उप पुलिस अधीक्षक, श्री उमेश तिवारी के नेतृत्व में निरीक्षक, गौरव चाटे, निरीक्षक किशोर वामनकर, निरीक्षक प्रियंका केवट, उप निरीक्षक मनीष मरावी, उप निरीक्षक आशीष बोपचे, सहायक उप निरीक्षक सुमित तिवारी, प्रधान आरक्षक आशीष मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजेश वागरी, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र ठाकुर, प्रधान आरक्षक कुलदीप सोमकुंवर, प्रधान आरक्षक अशोक कुमार, आरक्षक पंकज राजपूत एवं आरक्षक अजय ठाकुर की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।

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July 25, 2026

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