जबलपुर (परियट)। सरकार जहाँ एक ओर गरीब परिवारों को संबल देने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मुफ्त और रियायती राशन पहुंचा रही है, वहीं जमीनी स्तर पर राशन माफिया और भ्रष्ट सेल्समैन गरीबों के हक पर खुलेआम डाका डाल रहे हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला जबलपुर के परियट क्षेत्र स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान से सामने आया है, जहाँ सेल्समैन द्वारा लगातार कई महीनों से गरीब हितग्राहियों के राशन में अवैध कटौती की जा रही है।
महीनों से चल रहा अवैध खेल, विरोध पर मिलती है धमकी
स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित हितग्राहियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि परियट राशन दुकान का सेल्समैन प्रत्येक गरीब परिवार को उनके तय कोटे से 2 से 3 किलोग्राम कम राशन दे रहा है। जब कोई पढ़ा-लिखा या जागरूक उपभोक्ता इसका विरोध करता है, तो सेल्समैन द्वारा राशन न देने या मशीन खराब होने का बहाना बनाकर उन्हें भगा दिया जाता है। यह अवैध खेल पिछले कई महीनों से लगातार बेखौफ अंदाज में चल रहा है।
मशीन में अंगूठा पूरे का, हाथ में आ रहा कम राशन
सूत्रों के अनुसार, सेल्समैन पीओएस (POS) मशीन पर हितग्राहियों का अंगूठा लगवाकर पर्ची तो पूरे राशन की निकालता है, लेकिन तौलते समय चालाकी से 2-3 किलो वजन कम कर दिया जाता है। इस तरह हर महीने सैकड़ों क्विंटल सरकारी अनाज को ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) में खपाए जाने की आशंका है। इस भ्रष्टाचार की वजह से मजदूरी करने वाले गरीब परिवारों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है।
कलेक्टर और खाद्य विभाग से औचक निरीक्षण की मांग
क्षेत्र के नागरिकों ने जबलपुर कलेक्टर और जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक (Food Controller) से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि खाद्य विभाग की टीम बिना बताए इस दुकान का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करे और दुकान के स्टॉक रजिस्टर व पीओएस मशीन के रिकॉर्ड का मिलान करे, तो बड़े राशन घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भ्रष्ट सेल्समैन पर कार्रवाई कर उसे नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन और सीएम हेल्पलाइन (181) पर सामूहिक शिकायत दर्ज कराने को मजबूर होंगे।



