- ज्वालामुखी मंदिर धनपुरी की हिंदू जन जागरण समिति का मामला
- लगातार षड्यंत्र कर जन आस्था से खिलवाड़ करने का लगा आरोप
शहडोल। ज्वालामुखी मंदिर धनपुरी के बेहतर प्रबंधन और रखरखाव के लिए गठित हिंदू जन जागरण समिति के तथाकथित स्वयंभू अध्यक्ष ने न सिर्फ स्वयं को लगातार 18 वर्षों तक अध्यक्ष निरूपित कर सहायक पंजीयक फर्म्स एंड सोसायटी को धोखा देने का कार्य किया बल्कि पंजीयक कार्यालय को दी गई जानकारी के आधार पर स्वयं को 50 लाख रुपये से अधिक के गबन का आरोपी भी बना डाला है। वर्चस्व की लड़ाई और अधिकाधिक कमाई के चक्कर में उक्त कथित अध्यक्ष ने समिति के संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए जन आस्थाओं के साथ भी जमकर खिलवाड़ किया है। समिति के निर्वाचित अध्यक्ष महेंद्र सिंह पवार ने यह आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रमाणित दस्तावेजों के प्रस्तुतीकरण के बाद भी पुलिस कार्यवाही में हीला हवाली लोगों के बीच आश्चर्य का कारण बनी हुई है।
शहडोल। जिले के धनपुरी नगर स्थित मां ज्वालामुखी मंदिर के प्रबंधन का दायित्व निभाने वाली हिंदू जन जागरण समिति के पूर्व अध्यक्ष व कथित तौर पर स्वयंभू अध्यक्ष कहे जाने वाले विनोद शर्मा नामक व्यक्ति द्वारा सहायक पंजीयक फर्म्स एंड सोसायटी रीवा के कार्यालय में भ्रामक जानकारियां प्रस्तुत कर न सिर्फ स्वयं को समिति के पंजीयन तिथि वर्ष 2007 से आगामी वर्ष 2025 तक का अध्यक्ष घोषित कर पंजीयन कार्यालय को धोखा देने और पंजीयन कार्यालय में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार स्वयं को 50 लाख रुपए से अधिक के गबन का आरोपी बनाने का दुस्साहस किया गया है। हिंदू जन जागरण समिति के बहुमत से निर्वाचित अध्यक्ष महेंद्र सिंह पवार ने पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए यह आरोप लगाया है।
स्व प्रमाणित फर्जीवाड़ा
श्री पवार बताया कि विनोद शर्मा हिंदू जन जागरण समिति के पूर्व अध्यक्ष हैं, 2003 से 2010 तक वह अध्यक्ष थे उसके बाद 2015 तक अशोक सिंह तथा 2022 तक पुष्पेंद्र सिंह हिंदू जन जागरण समिति के निर्वाचित अध्यक्ष रहे। सन 2022 में उन्हें समिति की कार्यकारिणी द्वारा बहुमत के साथ अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। अध्यक्ष निर्वाचित किए जाने के बाद पदभार संभालने के पूर्व उन्होंने जब दस्तावेज और आवश्यक जानकारियां मांगी तो उन्हें न सिर्फ गुमराह किया जाने लगा बल्कि वर्चस्व खत्म होने और काला पीला उजागर होने के भय के चलते पूर्व अध्यक्ष विनोद शर्मा द्वारा सहायक पंजीयक कार्यालय को कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर भ्रामक जानकारी देते हुए स्वयं को ही अध्यक्ष घोषित कर दिया गया और लोगों को गुमराह करने के लिए नवनीत सिंह को अध्यक्ष चुने जाने संबंधित बैनर, फ्लैक्स मंदिर व नगर के विभिन्न स्थानों पर लगवा दिये गए। मतलब यह कि स्वयं विनोद शर्मा ने ही दो अध्यक्ष पंजीयक कार्यालय में खुद को तथा बैनर, फ्लैक्स में नवनीत सिंह को अध्यक्ष बनाकर अपना फर्जीवाड़ा साबित कर दिया है।
यूं हुआ खुलासा
नवनिर्वाचित अध्यक्ष महेंद्र सिंह पवार ने बताया कि अध्यक्ष चुने जाने के बाद जब समिति के सदस्यों द्वारा अध्यक्ष का पदभार संभालने की बात कही गई तब उन्होंने पूर्व अध्यक्षों से समिति के हिसाब किताब और दस्तावेजों की मांग की हिसाब मांगे जाने पर पूर्व अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह अशोक सिंह के कार्यकाल का हिसाब व दस्तावेज तो मिला लेकिन विनोद शर्मा के कार्यकाल की जानकारी मांगे जाने के साथ ही स्थितियां बदल गई उक्त पूर्व अध्यक्ष ने अपनी करतूतों को छिपाने और अपने वर्चस्व को बनाए रखने के लिए सहायक पंजीयक फर्म्स एवं सोसाइटी के कार्यालय में कूट रचित दस्तावेज और जानकारियां प्रस्तुत करें स्वयं को वर्ष 2007 से आगामी वर्ष 2025 तक का अध्यक्ष घोषित किया गया और वहां जानकारी दी गई कि उनके कार्यकाल में लगभग 60 लाख रुपए की आय हुई जिसे उन्होंने खर्च कर दिया है पंजीयक कार्यालय में चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा हस्ताक्षरित ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान है जिस पर उन्होंने बिना ऑडिट कराए, स्व घोषणा की है कि यह जानकारी उन्होंने दी है और यदि यह गलत पाया जाता है तो उसके दंड के भागीदार वह स्वयं होंगे। उक्त राशि कहां से आए और कहां खर्च हुई यह जानकारी मांगे जाने पर उक्त कथित अध्यक्ष द्वारा नवनीत सिंह को अध्यक्ष बनाकर पूरे मंदिर परिसर में फ्लेक्स और बैनर लगवा दिए गए कि अब हिंदू जन जागरण समिति के अध्यक्ष महेंद्र सिंह नहीं नवनीत सिंह हैं।
शिकायत पर कार्रवाई नहीं
पत्रकारों को जानकारी देते हुए श्री पंवार ने बताया कि विनोद शर्मा की करतूतों की भनक लगते ही उन्होंने सहायक पंजीयक फर्म्स एंड सोसायटी कार्यालय रीवा से सूचना का अधिकार के तहत दस्तावेज प्राप्त कर कूट रचित दस्तावेज पुलिस थाने में प्रस्तुत कर कार्यवाही की मांग की गई जिस पर धनपुरी थाना पुलिस द्वारा अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस अधीक्षक शहडोल से भी की है जिस पर पुलिस अधीक्षक द्वारा एसडीओपी धनपुरी को कार्यवाही का निर्देश दिया गया फलस्वरूप सिर्फ बयान लिए गए हैं लेकिन आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि कुछ ही दिनों के बाद चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हो रहा है जिसमें हिंदू जन जागरण समिति की ज्वालामुखी मंदिर की व्यवस्था में मुख्य भूमिका होती है मौजूदा विवादास्पद स्थितियों में विवाद बढ़ने की पूरी संभावना है यदि पुलिस एवं प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करता और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की जाती तो हालात बद से बदतर हो सकते हैं।
प्रभावी कार्यवाही की मांग
उन्होंने जिला मुख्यालय के पत्रकार बंधुओं का ध्यान आकृष्ट कराते हुए आग्रह किया है कि वह पुलिस एवं प्रशासन के संज्ञान में यह बात लाइन ताकि धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के साथ ही जन आस्थाओं के साथ खिलवाड़ की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लग सके।


