संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट बंकर मेंटेनेंस में अनियमितताओं के आरोप,
प्रबंधन की चुप्पी पर उठे सवाल
उमरिया। जिले के
संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट (बिरसिंहपुर) की यूनिट क्रमांक 3 /4 के बंकर में चल रहे मेंटेनेंस (रखरखाव) के कार्यों में भारी अनियमितताओं की चर्चाएं इन दिनों जोरों पर हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लाखों रुपये की लागत से हो रहे इस महत्वपूर्ण कार्य में तय मापदंडों की अनदेखी किए जाने के आरोप लग रहे हैं। इस पूरे मामले में स्थानीय प्रबंधन की रहस्यमयी चुप्पी भी अब सवालों के घेरे में है।
चहेते पेटी कॉन्ट्रैक्टर को लाभ पहुंचाने की आशंका
प्लांट के गलियारों में चर्चा है कि विभाग के एक जिम्मेदार तकनीकी अधिकारी (EE) द्वारा कथित तौर पर अपने पसंदीदा पेटी कॉन्ट्रैक्टर को उपकृत करने के लिए नियमों को शिथिल किया गया है। आरोप है कि बंकर जैसे संवेदनशील हिस्से की मरम्मत का काम एक निजी ठेकेदार के सुपरवाइजर के भरोसे छोड़ दिया गया है। स्थानीय लोगों और सूत्रों का कहना है कि काम में महज खानापूर्ति की जा रही है जिससे शासन के खजाने को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
उच्च स्तरीय और सूक्ष्म जांच की दरकार
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इस पूरे मामले में क्षेत्र के सजग नागरिकों और सूत्रों ने जबलपुर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट के प्रबंध संचालक से निष्पक्ष जांच की मांग की है। मांग की जा रही है कि
एक विशेष टीम गठित कर कार्य की गुणवत्ता का सूक्ष्म मूल्यांकन कराया जाए।
कार्यस्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराकर यह देखा जाए कि वर्क ऑर्डर के मापदंडों का पालन हुआ है या नहीं।
इस कार्य में उपयोग किए गए मटेरियल की खरीदी उसकी मात्रा और बचे हुए मटेरियल के स्टॉक का तथ्यात्मक मिलान किया जाए।
पक्ष जानने की कोशिश
इस संबंध में संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और स्थानीय प्रबंधन से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनकी ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। उनका पक्ष प्राप्त होते ही उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अब देखना यह है कि क्या जबलपुर मुख्यालय और प्लांट का उच्च प्रबंधन इस मामले को संज्ञान में लेकर कोई ठोस कदम उठाता है या फिर अंधेर गर्दी फलते फूलते रहेंगी और यह मामला भी फाइलों में दफन होकर रह जाएगा।
अखिलेश द्विवेदी की रिपोर्ट
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