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ग्राम पंचायत सुखदास में हो रहा है गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य – पंचायती प्रशासन मौन

Posted on

June 19, 2026

by india Khabar 24

ग्राम पंचायत सुखदास में हो रहा है गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य – पंचायती प्रशासन मौन

क्षेत्रीय विकास को मद्दे नजर में रखते हुये पंचायत कार्यालयों में नवीन भवन बनवाने के लिये सरकार द्वारा मोटे बजट दिया जा रहा है, जहां यदि मौके पर देखा जाय तो पंचायत विभाग के प्रशास्निक जवाबदार और सरपंच के मिली भगत से शास्कीय बजट में चूना लगाकर अपने पॉकिट गरम करने के फिराक में मस्त रहते हैं |

उमरिया जिला के मानपुर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत सुखदास में नये पंचायत भवन का निर्माण बड़े तेजी से हो रहाहै, जिसके गुणवत्ता में कई प्रकार के प्रस्न वाचक चिन्ह के सांथ बड़े बड़े सवाल खड़े होते दिख रहे हैं, इहां स्टीमेट को ताक में रखकर भवन का निर्माण करवाया जा रहाहै, मौके पर सूचक और तकनीकी बोर्ड व गवाने से भृष्टाचार को छिपाने का कार्य किया जा रहा है, यहां तकरीबन 37.50 लॉख के लागत से पंचायत कार्यालय भवन का निर्माण हो रहा है, यहां 12 एमएम से पतले सरिया का उपयोग हो रहाहै, इस भवन के कॉलम बीम में 4 से 6 इंच के स्थान पर 10 से 12 इंच में रिंग लगाया जा रहा है, जहां सस्ता वाले लोकल घटिया हार्ड वाला लोहा, कमजोर ईंटा, मिट्टी युक्त रेत गिट्टी, सब से सस्ता सीमेंट जेसे सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है, यहां के छत वाले जाल में दो के जगह 6 से 8 इंच के फांसले में पतले सरिया डालकर जाल बिछाने का काम हो रहाहै, इस भवन के निर्माण में प्लेंथ से लेकर छत तक सीमेंट का उपयोग इतना कम किया गया कि वह सीमेंट गिट्टी मुलायम हांथ द्वारा खरोंचने से झरने लगता है, जब कि नयमतह गुणवत्ता पूर्वर निर्माण कार्य पर लोहे के कील से खरोंच लगाने पर सीमेंट का मिक्सण झरना न चाहिये बल्कि खरोंच के जगह चमक वाला चिन्ह बनकर रह जाना चाहिये | बचत के लालच में चौखट, रोषनदान, खिड़की दरवाजा, लोकल घटिया किस्म के लोहा और चद्दर के लगवाये जाते हैं जिनका उम्र 5 वर्ष तक टिकना असम्भव है, प्लेंथ के गुणवत्ता का हाल तो पूरी तरह से दयनीय है, वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि डेढ़ लाख के लागत से बनने वाला गरीबों का पीएमआवास योजना का घर दो तीन पीढ़ी तक चलता है और पंचायत विभाग से बनने वाले भवनों का उम्र दो – पंचवर्षी तक नहीं टिक पाता है क्यों कि इनका निर्माण बजट चोरी के लालच में गुणवत्ता विहीन किया जाता है |
सूत्रों की माने तो निर्माण कार्य स्थल में स्टैक्चर बनवाने के अलावा उपयंत्री एसडीओ अथवा पंचायत के पदाधिकारियों का दर्सन तक कभी नहीं हुआ करता है, यहां के उपयंत्री जी के हौसले बुलंद सुने जाते हैं, इनका रूम उमरिया जिला के बाहर कटनी जिला में है और मकान उमरिया जिला मुख्यालय में है इसी तरह एसडीओ का निवास भी कार्य क्षेत्र के बाहर रहता है, प्रसेंट रूपी मिली भगत की महान ताकत के हौसलों से मुल्यांकन, पर्ची, बिल और एमबी का निर्माण और इनमें दसखत निर्माण कार्यों को बिना देखे अपने रूम से ही कर दिये जाते हैं, वहीं क्षेत्र में चर्चा है कि कई वार मांग किये जाने पर भी ऐसे निर्माण कार्यों के जांच और कार्यवाही होना असम्भव है क्यों की मिली भगत और कमीशन की ताकत महान होती है, इसी तरह के भृष्टाचारों को मिटाने के लिये सरकार – प्रशास्निकों के स्थनातरण करती रहती है जिसके बाद भी शक्त जांच, कड़े कार्यवाही होना और भृृष्टाचार में ब्रेक लगना असम्भव दिख रहाहै |
वहीं ग्रामीणों का मानना है कि यदि किसी मार्गदर्शन के लिये अथवा जानकारी के लिये फोन से यदि क्षेत्रीय उपयंत्री अथवा नवागत सीईओ अथवा आरईएस के एसडीओ, ईई को फोन लगाया जाय ते उनके द्वारा कभी भी फोन नहीं उठाये जाते हैं जहां से किसी भी प्रकार के जवाब मिलना असम्भव है जब कि क्षेत्र के लोक प्रिय विधायक, सांसद, सम्भागायुक्त, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम जैसे लोगों द्वारा सीघ्र फोन उठाकर त्वरित समस्या निवारण के कार्य किये जाते हैं जिससे लोगों में प्रशन्नता और विश्वास बना रहता है |

इनका कहना है कि:-
उक्त विषय पर सीघ्र ही जांच करवा कर स्थिति के अनुसार कार्यवाही करवाई जायेगी
अभय सिंह सीईओ जिला पंचायत उमरिया

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June 19, 2026

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