हाल ही में एनटीए ने यूजीसी नेट के नतीजे जारी कर दिए थे. इस परीक्षा में कटनी शहर के छोटे से गांव की आदिवासी बेटी शुभांगी ने कमाल कर दिया. दरअसल, शुभांगी ने एग्जाम में शानदार स्कोर हासिल किया है. दूसरी बार में शुभांगी ने नेट जेआरएफ (NET JRF) क्लालिफाई कर लिया. रिजल्ट आने के बाद शुभांगी का पूरा परिवार खुश है. उनके परिवार ने बताया कि शुभांगी पढ़ने-लिखने में काफी तेज थी. बचपन से ही एकैडमिक में अच्छे स्कोर हासिल करती आई है.
मीडिय रिपोर्ट के मुताबिक, शुभांगी ने बताया कि उन्होंने दो बार फॉर्म भरा था, एक बार परीक्षा दी जिसमें उन्होंने NET क्वालीफाई किया. इसके बाद उन्होंने एग्जाम के लिए अपनी पढ़ाई जारी रखी और फिर अगले साल एग्जाम दिया. अपने दूसरे अटेंप्ट में शुभांगी ने 300 में से 186 नंबर हासिल कर लिए और यूजीसी नेट जेआरएफ क्वालिफाई कर ली। शुभांगी ने बताया कि उन्हें डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के HOD डॉ केवश टेकाम सर का मार्गदर्शन हमेशा उन्हें मिलते रहा है और उन्हीं के मार्गदर्शन में JRF क्वालीफाई किया है।
एकैडमिक में मिलते रहे अच्छे नंबर
शुभांगी ने 10वीं की परीक्षा में 86 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे. वहीं इंटर में 73.4 प्रतिशत नंबर. ग्रेजुएशन में 77 प्रतिशत और पोस्ट ग्रेजुएशन में 78 प्रतिशत नंबर प्राप्त किए थे. इस बात अंदाजा लगाया जा सकता है कि शुभांगी पढ़ने-लिखने में हमेशा से अच्छी रही हैं.
कैसे मिली नेट जेआरएफ करने की प्रेरणा
शुभांगी बताती हैं कि उन्हें ये भी नहीं पता था कि वे आगे क्या करना चाहती हैं. तभी उनकी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. केशव टेकाम सर ने उनकी मदद की और कहा कि वे अच्छी स्टूडेंट्स हैं तो टीचिंग के फील्ड में जाना चाहिए. शुभांगी को अर्थशास्त्र पढ़ना और इसके बारे में जानना अच्छा लगता था तो उन्होंने अर्थशास्त्र में आगे बढ़ना चुना.
कैसी की तैयारी
शुभांगी की मां ने बताया कि एग्जाम की तैयारी के समय नींद और आराम त्याग दिया था. शुभांगी दिन-रात किताबों में डूबी रहती थी. उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि मेहनत कभी जायर नहीं होती. शुभांगी ने सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि अच्छे नंबर लाने के लिए क्वालिटी वाली पढ़ाई जरूरी है. जो भी पढ़ें उसमें डूबकर गहराई से पढ़ना चाहिए.




