लालबर्रा।

बालाघाट जिले के लालबर्रा जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कोपे में रोजगार सहायक व प्रभारी सचिव द्वारा सचिव को प्रभार नहीं दिया जा रहा है। ऐसे तो ग्राम पंचायत में कई प्रकार से अनियमितता भ्रष्टाचार वाद विवाद विभिन्न प्रकार के मामले सामने आते हैं। लेकिन इस प्रकार का मामला अलग है जो कि अपनी ही ग्राम पंचायत में रोजगार सहायक द्वारा अपनी ही पंचायत के सचिव को प्रभार नहीं दिया जा रहा है। सचिव मूलचंद बिसेन ने प्रेस को बताया कि जहां सचिव मूलचंद बिसेन को 19 जून 2024 को टेकाड़ी (लोहारा) पंचायत से पदभार मुक्त कर ग्राम पंचायत कोपे में पदस्थ किये जा चुके हैं, लेकिन उन्हें रोजगार सहायक व प्रभारी सचिव युवराज ठाकरे द्वारा प्रभार नहीं सौंपा जा रहा है। जहां ग्राम पंचायत कोपे में 19 जून 2024 से सचिव मूलचंद बिसेन के पदस्थ होने के बाद भी रोजगार सहायक युवराज ठाकरे ही पंचायत के कार्यों का भुगतान कर रहे हैं जो कि अनियमितता बरती जा रही है। प्रभारी सचिव द्वारा सचिव को प्रभार, वित्तीय प्रभार, केशबुक, पासबुक, अभिलेख व ग्राम पंचायत संबंधित समस्त लेखा जोखा नहीं सौंपा जा रहा है, इसके कारण सचिव अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं, जो कि प्रतिदिन ग्राम पंचायत आते हैं लेकिन उनके हाथ में फिलहाल कुछ नहीं है। सिर्फ रोजगार सहायक युवराज ठाकरे व सरपंच लक्ष्मण आचरे की साइन से 19 जून 2024 के बाद लगभग 2 लाख से ढाई लाख रुपये के आसपास भुगतान किया जा चुका है, जो कि पंचायत में सचिव पदस्थ होने के बाद सचिव को वित्तीय प्रभार ना देना गलत है कहीं ना कहीं सचिव मूलचंद बिसेन से भेदभाव किया जा रहा है, रोजगार सहायक को सरपंच, संबंधित अधिकारियों व किसी राजनेताओं का संरक्षण प्राप्त हो सकता है जिसके कारण सचिव को वित्तीय प्रभार नहीं सौंपा जा रहा है। इसके पहले भी सचिव को वित्तीय प्रभार से हटा दिया गया था, सचिव की कार्यशैली सरपंच व रोजगार सहायक को रास नहीं आ रही है। सचिव ने इस संबंध में जनपद सीईओ को शिकायत कर चुके हैं, सचिव परेशान है अपने आप को मज़बूरी वश दूसरी पंचायत में पदस्थ किया जाना उचित समझ रहे हैं। अब आगे भविष्य के गर्त में छुपा है कि संबंधित अधिकारी सचिव को वित्तीय प्रभार दिलवाते हैं या रोजगार सहायक ही बोस बनकर सरपंच के साथ कंधा से कंधा मिलाकर पंचायत चलाएंगे।


