शहडोल—-
📋 अभियान का मुख्य उद्देश्य
मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए ‘शून्य मृत्यु’ (Zero Fatality) का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना और सुरक्षित यातायात संस्कृति को बढ़ावा देना है।
🚨 सख्त चेकिंग और प्रमुख नियम
पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट ज़रूरी: दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाली सवारी (Pillion Rider) के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
नियम तोड़ने पर चालक और सवारी दोनों के विरुद्ध संयुक्त चालानी कार्रवाई होगी।
लाइसेंस हो सकता है सस्पेंड (निलंबित): बार-बार बिना हेलमेट या बिना सीटबेल्ट के पकड़े जाने वाले आदतन अपराधियों के ड्राइविंग लाइसेंस को न्यूनतम 3 महीने के लिए निलंबित (सस्पेंड) करने हेतु संबंधित आरटीओ (RTO) को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
ब्लैक स्पॉट्स पर नजर: जिलों के मुख्य चौराहों, राष्ट्रीय/राज्यीय राजमार्गों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) पर विशेष चेकिंग पॉइंट बनाए जाएंगे।शासकीय कार्यालयों में चेकिंग: पुलिस लाइन, कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी दफ्तरों के एंट्री गेट पर भी चेकिंग की जाएगी ताकि सरकारी कर्मचारियों में भी इसका सकारात्मक संदेश जाए।ई-चालान का उपयोग: जिन शहरों में ITMS या सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगे हैं, वहां ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) के जरिए अधिक से अधिक ई-चालान काटे जाएंगे।
📢 जन-जागरूकता गतिविधियां
स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और औद्योगिक संस्थानों में हेलमेट व सीटबेल्ट के महत्व को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।पेट्रोल पंप, ऑटोमोबाइल डीलर, ड्राइविंग स्कूल और परिवहन व्यवसाय से जुड़े संगठनों के सहयोग से लोगों को जागरूक किया जाएगा।सोशल मीडिया, बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स के जरिए सड़क सुरक्षा संदेशों का प्रचार किया जाएगा।
यह आदेश सहायक पुलिस महानिरीक्षक (पी.टी.आर.आई.) राजेश कुमार मिश्र द्वारा जारी किया गया है और इसकी निगरानी स्वयं पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा की जा रही है।
शहडोल से सत्येन्द्र सोनी


