आशीष दुबे बरगी
अपर कलेक्टर अभिषेक गहलोत ने अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश, जर्जर स्कूल भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, राशन वितरण, अतिक्रमण और अवैध शराब की शिकायतें प्रमुखता से उठीं
जबलपुर/बरगी। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के तहत चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बरगी स्थित भीमराव अंबेडकर भवन में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी विभिन्न समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं। अपर कलेक्टर अभिषेक गहलोत अधिकारियों के दल के साथ शिविर में पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके त्वरित एवं नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए।
शिविर में ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पानी, राशन, स्वास्थ्य सुविधाओं, अतिक्रमण सहित अन्य स्थानीय समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। अपर कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
70 वर्ष पुराने जर्जर स्कूल भवन का मामला उठा
शिविर के बाद अपर कलेक्टर अभिषेक गहलोत ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरगी का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों और विद्यालय से जुड़े लोगों ने बताया कि स्कूल भवन लगभग 70 वर्ष पुराना और जर्जर स्थिति में है। भवन की स्थिति को लेकर विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया। ग्रामीणों ने नए अथवा सुरक्षित भवन की आवश्यकता बताई। अपर कलेक्टर ने विद्यालय की स्थिति का जायजा लेते हुए मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखने और आवश्यक कार्रवाई की दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरगी में डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की समय पर उपलब्धता को लेकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना था कि समय पर चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी होती है तथा गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र के रेफरल सेंटर बनकर रह जाने की बात भी ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने रखी। इस पर अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
राशन वितरण में देरी की शिकायत
इंदिरा नगर मंगसी क्षेत्र की शासकीय उचित मूल्य दुकान से समय पर खाद्यान्न नहीं मिलने की शिकायत भी शिविर में पहुंची। ग्रामीणों ने नियमित और समय पर राशन उपलब्ध कराने की मांग रखी। शिकायत पर अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को उचित मूल्य दुकान की व्यवस्था की निगरानी करने और पात्र हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अतिक्रमण की शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश
शिविर में क्षेत्र में अतिक्रमण से संबंधित शिकायतें भी ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत की गईं। इन शिकायतों को लेकर अपर कलेक्टर ने बरगी तहसीलदार एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और ग्रामीणों को कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
अवैध शराब की बिक्री को लेकर महिलाओं ने उठाई आवाज
शिविर के दौरान क्षेत्र में कथित रूप से हो रही अवैध शराब की बिक्री का मामला भी प्रमुखता से सामने आया। क्षेत्र की महिलाओं ने एकजुट होकर अपर कलेक्टर के समक्ष शिकायत रखी और अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। महिलाओं ने कहा कि शराब की अवैध बिक्री से क्षेत्र के माहौल और परिवारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने शराब बेचने वालों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों और आमजन से प्राप्त शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कुपोषित बच्चों को वितरित किया गया पूरक आहार
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषित बच्चों को पूरक आहार का वितरण भी किया गया। अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अपर कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों एवं परिवारों तक नियमित रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए।
अंतिम पात्र हितग्राही तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
अपर कलेक्टर अभिषेक गहलोत ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक पहुंचना चाहिए। ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं का विभागवार परीक्षण कर समय सीमा में निराकरण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसमस्या निवारण शिविरों का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं और उनके निराकरण की उम्मीद जताई।

