रिपोर्ट रोशनी विश्वकर्मा,
भारत देश के हृदय मध्य प्रदेश राज्य में कुल जनसंख्या की 21.1 प्रतिशत जनसंख्या आदिवासी समुदाय की है। प्रदेश की अधिकांश खनिज संपदा एवं जल-जंगल-जमीन भी इन्ही इलाकों में पाये जाते है। इनके कल्याण एवं खुशहाल जीवन के लिये भारत के संविधान में कई प्रावधान तथा राज्य / केन्द्र सरकार द्वारा कानून, नियम व योजनाऐं बनाई गई है। इसके बावजूद भी आदिवासियों की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होते जा रही है। आदिवासी समुदाय के लोगों के साथ वर्तमान सरकार तथा उनके कार्यकर्ताओं द्वारा जानबूझकर गलत एवं अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। इसके ज्वलंत उदाहरण- नेमावर हत्याकांड, नीमच में आदिवासी युवक की पिकअप से घसीटकर हत्या करना, गुना जिलें में आदिवासी महिला को जिंदा जलाने की घटना, खरगोन जिलें में पुलिस द्वारा अपनी कस्टडी में युवक की पीट-पीटकर हत्या कर देना, बुरहानपुर जिले के नेपानगर में आदिवासियों के बसे बसायें घरों को उजाड़ना, खंडवा जिले में खालवा ब्लॉक के ग्राम कोठा में आदिवासी युवक की निर्दयतापूर्वक लाठियों से पीट-पीटकर हत्या, सिवनी जिले के ग्राम सिमरिया में असामाजिक तत्वों द्वारा आदिवासी युवकों के साथ मारपीट तथा हत्या करना, इन्दौर जिले के मानपुर थाने में पुलिस द्वारा आदिवासी व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या करना और महू के बडगोंदा में मृतक महिला के विरोध में निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फोर्स द्वारा फायरिंग कर हत्या करना, झाबुआ जिले के भाभरा से सीएम हेल्पलाईन पर शिकायत करने वाले व्यक्ति की पुलिस द्वारा पूछताछ करने थाने लाए व बाद में उसकी हत्या कर दी गई, सीधी पेशाब कांड जैसा अमानवीय कृत्य, हाल ही में रायसेन जिलें में आदिवासी युवक की गोली मारकर हत्या आदि तथा देश में मणिपुर जैसे राज्य में विगत 90 दिनों से मानवता एवं इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटनाएं घटित हो रही है। इसके बावजूद भी शासन द्वारा दोषियों पर सख्त कार्यवाही नहीं होने के कारण आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के हौसले और अधिक बुलंद होते जा रहे है। जिससे आदिवासियों पर अन्याय-अत्याचार – दमन शोषण मामले में मध्य प्रदेश नंबर वन राज्य बन गया है। इन सब दर्दनाक एवं समाज आतंकित करने वाली घटनाओं से आदिवासी समाज को पुनः

हिम्मत दिलाने तथा उनके स्वाभिमान को लौटाने के उद्देश्य तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व
अध्यक्ष माननीय राहुल गांधी जी की “भारत जोड़ो यात्रा” के संदेश को आगे बढ़ाने हेतु प्रदेश
कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माननीय कमलनाथ जी के कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन में म.प्र.
युवक कांग्रेस के अध्यक्ष माननीय विक्रांत भूरिया जी, म.प्र. आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष माननीय रामू टेकाम जी और आदिवासी कांग्रेस की महिला प्रभाग की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रा सर्वटे जी के नेतृत्व में आदिवासी स्वाभिमान यात्रा का सफल दौरा किया जा रहा है। जिसके 5 प्रमुख मुद्दे इस प्रकार है- (1) 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस पर शासकीय अवकाश (2) पेसा (PESA) एक्ट. का क्रियान्वयन। (3) बैकलॉग (रिक्त) पदों पर नियुक्ति की जाएगी। (4) वन अधिकार समझौतों से व्यक्तिगत एवं सामूहिक दावों का निपटारा । (5) रोजगारोन्मुख, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ। यह यात्रा सीधी से 19 जुलाई 2023 को प्रारंभ होकर प्रदेश के 18 आदिवासी जिलें सीधी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाडा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बडवानी, धार एवं अलीराजपुर की 36 विधानसभा सीटो का भ्रमण कर रही है, जिसकी कुल दूरी लगभग 2200 किमी. है।
आदिवासी स्वाभिमान यात्रा के नेतृत्वकर्ता यात्रा के रूट में पड़ने वाले आदिवासियों के आस्था व श्रद्धा के केन्द्र तथा महापुरूषों के समाधि स्थल, जन्म व कर्म स्थली पर जाकर आदरांजलि देने के साथ ही पीड़ित परिवारों से मिलते हुए उन्हें हिम्मत देते हुए आ रहे है। डां विक्रांत भूरिया, रामू टेकाम एवं उनके सहयात्रियों का लोगों द्वारा रात के 1 व 2 बजे तक बेसब्री से इंतजार करने के साथ ही उनके आने पर दिल खोलकर स्वागत सत्कार किया जा रहा है और इनके व्यक्तव्य में आदिवासी समाज की पीड़ा तथा उनके हक अधिकार की जानकारी के साथ ही हम सब एक है की भावना से इन अत्याचारों के खिलाफ लड़ाई लड़ने का संदेश दिया जा रहा है। इससे आदिवासी समाज का स्वाभिमान पुनः जाग रहा है। यात्रा के दौरान आम लोगों से मिलना, नुक्कड़ सभाओं का आयोजन तथा प्रेसवार्ता भी की जा रही है, जिसका जनता पर प्रभावी असर देखने को मिल रहा है। यात्रा में चल रहे यात्रियों का स्वागत अन्य समाज के लोगों के द्वारा भी उतनी ही आत्मीयता से किया जा रहा जितना कि आदिवासी समाज के द्वारा किया जा रहा है। इस यात्रा से आदिवासी समाज को अपनी एकता की शक्ति का एहसास हो रहा है और अन्याय-अत्याचार – दमन शोषण के खिलाफ लड़ने के लिये तैयार हो रहे है। यात्रा के माध्यम से आमजन की वास्तविक समस्याऐं एवं स्थिति देश व दुनियां के लोगों के सामने आ रही है।
आदिवासी स्वाभिमान यात्रा का समापन दिनांक 07 अगस्त, 2023 को आदिवासी जिला झाबुआ में प्रदेश के कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में होगा। इस ऐतिहासिक यात्रा के समापन का हिस्सा एवं साक्षी बनने हेतु आदिवासी एवं गैर आदिवासी समाज के लोगों को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर समापन कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील है ।
प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉक्टर संजीव चांदोरकर , युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अतुल चौरसिया , मनीष कौरव ,जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल ठाकुर , युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रोहित पटेल, युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष अमित श्रीवास्तव , नीरज स्वामी उपस्थित रहे



