शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में गौ-सेवा का एक अनोखा और मिसाल पेश करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के स्थानीय निवासी लीलाधर खोड़ियाल और विवेक खोड़ियाल ने गौ सेवा के लिए आंध्र प्रदेश से दुनिया की सबसे छोटी नस्ल मानी जाने वाली ‘पुंगनूर’ गाय की एक जोड़ी खरीदी है।पुंगूर (Punganur) गाय मूल रूप से आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले की एक दुर्लभ और दुनिया की सबसे छोटी देसी नस्ल है।
इंटरनेट पर देखकर बनाई योजना, 3 लाख में खरीदी जोड़ी —खोड़ियाल परिवार पिछले लंबे समय से नि:स्वार्थ भाव से गौ-सेवा करता आ रहा है। उन्होंने इंटरनेट पर पुंगनूर गाय की खूबियों और उसकी धार्मिक व औषधीय महत्ता के बारे में देखा। इसके बाद सेवा के उद्देश्य से इस खास नस्ल को लाने का फैसला किया। आंध्र प्रदेश के पुंगनूर इलाके से उन्होंने ₹3 लाख की भारी-भरकम राशि खर्च करके पुंगनूर गाय की एक उत्तम जोड़ी (नर और मादा) खरीदी।
भीषण गर्मी से बचाते हुए, खुद कार चलाकर 4-5 दिन में पहुंचे शहडोल—-आंध्र प्रदेश से शहडोल की दूरी काफी ज्यादा है। इस समय पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बेजुबान जानवरों को बड़े ट्रकों या मालगाड़ियों में लाना बेहद जोखिम भरा और जानलेवा हो सकता था। गायों को गर्मी और सफर के तनाव से बचाने के लिए लीलाधर और विवेक ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने किसी ट्रांसपोर्टर के भरोसे रहने के बजाय अपनी खुद की निजी कार (सेल्फ ड्राइव) से इन्हें लाने का निर्णय लिया।
पुंगनूर गाय की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- आकार और कद: यह दुनिया की सबसे छोटी देसी गाय मानी जाती है, जिसकी औसत ऊंचाई केवल 2 से 3.5 फीट तक होती है। इसका वजन लगभग 115 से 200 किलो के बीच होता है।
दूध की गुणवत्ता: भले ही यह गाय रोजाना केवल 1 से 3 लीटर दूध देती है, लेकिन इसका दूध औषधीय गुणों से भरपूर होता है और इसमें ‘A2 प्रोटीन’ पाया जाता है।
शहडोल से सत्येन्द्र कुमार सोनी



