
सिवनी मध्यप्रदेश
सिवनी, दो दिनों से इंटरनेट मीडिया में जिले के घंसौर ब्लाक के मिडिल स्कूल खैरीकला का फोटो और वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कुछ बच्चे स्कूल के एक कक्ष में फर्श पर बैठकर हाथ में छाता पकड़कर पढ़ाई करते दिख रहे हैं। वहीं एक शिक्षक ब्लैक बोर्ड में बच्चों को पढ़ाई कराते दिखाई दे रहे हैं। जब इसकी वास्तविकता पता की गई तो मामला कुछ और ही सामने आया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिस कक्ष का फोटो व वीडियो वायरल हो रहा है, उस कक्ष में कक्षा ही नहीं लगती है। कक्ष के जर्जर होने पर बच्चों को प्रधान पाठक के कक्ष में बैठा कर पढ़ाई कराई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक वायरल हो रही फोटो की जांच कराई जाएगी। जांच में जानबूझकर बच्चों को कक्ष में छाता पकड़कर बैठाने की बात सामने आने पर जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस स्कूल में नहीं हैं स्थाई शिक्षक
खैरीकला गांव का मीडिल स्कूल में सथाई शिक्षक नहीं है। स्कूल में कक्षाएं संचालित करने के लिए एक अन्य स्कूल से एक शिक्षक को अस्थायी तौर पर पदस्थ किया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक यह शिक्षक इस स्कूल में नहीं रहना चाहते हैं, इसलिए उन्होने इस तरह बच्चों को हाथ में छाता पकड़वाकर फोटो इंटरनेट मीडिया में वायरल करवाई है।
पालकों की बैठक के दिन की है फोटो
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि जिस दिन की यह फोटो है, उस दिन स्कूल में पालकों की बैठक रखी गई थी, उसी दिन उस कक्ष में यह फोटो व वीडियो तैयार करवाया गया है। अधिकारियों के अनुसार हो सकता है कि शिक्षक ने स्कूल के जर्जर कक्ष की जल्द मरम्मत के लिए ध्यान आकर्षित कराने बच्चों को जर्जर कक्ष में हाथ में छाता पकड़वा कर बैठाया हो
दो पाली में कराया स्कूल का संचालन
खैरीकला मिडिल स्कूल की छत से एक कक्ष में पानी टपकता है। इसकी मरम्मत के लिए शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा है। राशि स्वीकृत होने के बाद छत की मरम्मत कराने की बात शिक्षा विभाग के अधिकारी ने कही है। उन्होंने बताया है कि स्कूल में कक्षा पहली से पांचवी तक 60 व कक्षा छटवीं से आठवीं तक 35 छात्र’ छात्राएं दर्ज है। छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए अब दो पानी में स्कूल संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। सुबह की पाली में प्राथमिक व दोपहर की पाली में मिडिल स्कूल संचालित किया जाएगा।
फिर से बनेगा प्राकलन
खैरीकला मिडिल स्कूल की मरम्मत के लिए पूर्व में प्राकलन (ऐस्टीमेट) तैयार कर भेजा गया था। अब फिर से सब इंजीनियर को भेजकर नए सिरे से जांच कर मरम्मत के लिए प्राकलन कहा गया है, ताकि स्कूल भवन की मरम्मत सही तरीके से हो सके।
सवाल जवाब किए जाएंगे
घंसौर के खैरीकला मिडिल स्कूल के जर्जर कक्ष में कक्षा नहीं लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी उस कक्ष में कैसे बच्चों को छाता पकड़कर पढ़ाई कराई जा रही है, इसकी जानकारी ली जाएगी। यदि गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित से सवाल जवाब किए जाएंगे।-जीएस बघेल, डीपीसी, डीईओ सिवनी
खैरीकला मिडिल स्कूल के जिस कक्ष का फोटो वीडियो वायरल हो रहा है, उस कक्ष में कक्षा नहीं लग रही है। प्रधान पाठक के कक्ष में कक्षाएं लग रही हैं। यह वीडियो सुनियोजित तरीके से बनवाया गया लग रहा है। इसकी जांच की जाएगी। कक्ष की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। राशि मिलने के बाद मरम्मत कराई जाएगी-देवीलाल सेन, बीआरसी, घंसौर


