जबलपुर/ से राहुल सेन की रिपोर्ट मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर से आरोपी पक्ष के लिए एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण राहत की खबर सामने आई है। माननीय न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत दर्ज एक आपराधिक प्रकरण में सुनवाई करते हुए आरोपी प्रेम सिंह मल्लाह की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है और उसे जमानत प्रदान कर दी है।
माननीय न्यायमूर्ति का आदेश और प्रकरण क्रमांक
यह ऐतिहासिक आदेश मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री अमित लाहोटी की एकलपीठ द्वारा दिनांक 22 अक्टूबर 2026 को पारित किया गया। कोर्ट में इस जमानत याचिका का मामला क्रमांक M.Cr.C. No. 47716/2026 दर्ज था।
पाटन थाने में दर्ज था गंभीर अपराध
मामले के विवरण के अनुसार, यह पूरा प्रकरण जबलपुर जिले के थाना पाटन से संबंधित है, जहाँ आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 151/2026 के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। आरोपी प्रेम सिंह मल्लाह पर कानून की बेहद सख्त व गंभीर धाराएं लगाई गई थीं, जिनमें शामिल हैं:
• भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराएं: 137(2), 87, 64(2)(m), 65(1) एवं 64(1)
• पॉक्सो एक्ट (POCSO Act): धारा 5(1) (6)
अधिवक्ता राजवीर सिंह ठाकुर की रही प्रभावी पैरवी
उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोपी प्रेम सिंह मल्लाह की ओर से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के वरिष्ठ व प्रतिष्ठित अधिवक्ता राजवीर सिंह ठाकुर ने पैरवी की। एडवर्टाइज राजवीर सिंह ठाकुर ने न्यायालय के समक्ष जमानत आवेदन के पक्ष में बेहद मजबूत, तार्किक और प्रभावशाली ढंग से अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें व कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद अधिवक्ता की प्रभावी पैरवी को सही माना और आरोपी को जेल से रिहा करने यानी जमानत पर छोड़ने का आदेश जारी कर दिया। कानूनी हलकों में इस मामले में अधिवक्ता की पैरवी की विशेष रूप से सराहना और चर्चा की जा रही है।
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