जबलपुर। शहर के मदन महल स्थित आशीष हॉस्पिटल और वहां पदस्थ डॉ. अंकुर बंसल पर आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करा रहे एक पीड़ित परिवार से अवैध नगद वसूली और अमानवीय व्यवहार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी योजना से अस्पताल को ₹46,700 का पूरा क्लेम मिलने के बावजूद डॉक्टर द्वारा ₹30,000 की अतिरिक्त नगद मांग की गई। जब गरीब परिजनों ने पैसे देने में असमर्थता जाहिर की, तो रात के 10 बजे हाल ही में ऑपरेशन्ड वृद्धा मरीज को अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया।

घटना के संबंध में शिकायतकर्ता लवकुश चौरसिया (निवासी ग्राम उमरिया, थाना शहपुरा) ने मदन महल पुलिस थाना, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) तथा विक्टोरिया अस्पताल प्रशासन जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई है।

मामले के मुख्य बिंदु व घटनाक्रम:
  • 20 सितम्बर 2026: घर में गिरने से श्रीमती बेलो बाई चौरसिया के हाथ में गंभीर चोट आई। डॉ. अंकुर बंसल की सलाह पर उन्हें आशीष हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
  • 21 सितम्बर 2026: रात लगभग 8 बजे डॉक्टर द्वारा मरीज के हाथ का ऑपरेशन किया गया।
  • 22 सितम्बर 2026: आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल ने ₹46,700 का भुगतान लिया।
  • 22 सितम्बर (अतिरिक्त मांग): डॉक्टर द्वारा ₹30,000 नगद अलग से मांगे गए।
  • 22 सितम्बर (रात 10 बजे): पैसे न देने पर मरीज को बिना इलाज/दस्तावेज दिए अस्पताल से बाहर कर दिया गया।

अस्पताल ने नहीं दिए इलाज के कागजात
पीड़ित लवकुश चौरसिया ने बताया कि मरीज को रात के समय सड़क पर करने के बाद जब उन्होंने अपनी माताजी की मेडिकल फाइल, ऑपरेशन का विवरण, बिल, वाउचर और डिस्चार्ज रिकॉर्ड मांगा, तो अस्पताल प्रबंधन ने कोई भी कागजात देने से साफ इंकार कर दिया।

“हमारी माताजी का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था। रात 10 बजे उन्हें बिना किसी डिस्चार्ज कार्ड के बाहर कर दिया गया। डॉक्टर द्वारा पैसे मांगे जाने की ऑडियो रिकॉर्डिंग हमारे पास सुरक्षित है, जिसे हम जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं।”— लवकुश चौरसिया (पीड़ित पुत्र)

निष्पक्ष जांच की मांग, ऑडियो सबूत सुरक्षित
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि आयुष्मान योजना में हो रही इस खुली लूट और मरीजों के साथ किए जा रहे इस तरह के अमानवीय कृत्य की तुरंत निष्पक्ष जांच की जाए। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके पास वसूली की कॉल रिकॉर्डिंग और भुगतान के लिए दिए गए नंबरों की जानकारी सुरक्षित है।