लालबर्रा/बालाघाट।
बालाघाट जिला के लालबर्रा जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत सांसद श्रीमती भारती पारधी एवं जिला पंचायत सदस्य व सभापति झामसिंह नागेश्वर के ग्रह ग्राम पंचायत अतरी में अनियमितता व भ्रष्टाचार की बू। ग्राम पंचायत अतरी के पूर्व सरपंच लवकुश पांचे सहित ग्रामीण जनों ने सरपंच श्रीमती अंजु हुकुमचंद पंचेश्वर पर बिना कार्य पूर्ण किए शासकीय राशि आहरण कर अनियमितता बरतते हुए भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। मेन रोड़ से शांति धाम तक सीसी सड़क निर्माण कार्य में कई महीनों पहले बगैर कार्य के फर्जी बिल लगाकर राशि का आहरण कर लिया गया है एवं आज दिनांक तक निर्माण कार्य नहीं करवाया गया है एवं राशि निकालकर हेरा फेरी कर ली गई है जिसकी उच्च स्तरीय जांच करवाई जावे। पंचायत के लिए क्रय की गई सामग्री फर्नीचर कुर्सी टेबल अलमारी की खरीदी लगभग 1 वर्ष पूर्व की गई, जिसमें भारी अनियमितता की गई है। उपलब्ध सामग्री एवं बिल में दर्शाई गई सामग्री में अंतर है। बिल में दर्शाई गई सामग्री आज तक उपलब्ध नहीं है। अतः इसकी जांच की जावे। मुख्य मार्ग से आमाटोला पहुंच मार्ग सीसी सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता पूर्वक कार्य नहीं करवाया गया है, जिससे सड़क बीच से फट गई है एवं कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उक्त सीसी सड़क की जांच करवाई जावे। पंचायत द्वारा नाली मरम्मत का फर्जी बिल लगाकर राशि का भुगतान किया गया जबकि किसी भी नाली का मरम्मत कार्य नहीं करवाया गया है फर्जी बिल लगाकर राशि की हेराफेरी की गई, जिसकी जांच की जावे। ओमप्रकाश के घर से नाला तक सायफन पुल तक नाली निर्माण कार्य में मई जून 2024 में करवाए गए कार्य के लिए मस्टर रोल नहीं निकाले गए बगैर मस्टर रोल से मजदूरी का कार्य करवाया लिया गया। जिससे उन्हें आज तक मजदूरी नहीं मिली। जिसकी जांच करवाया जावे। पंचायत क्षेत्र में पंचायत के संरक्षण में नदी नाला एवं शासकीय भूमि से रेत व मिट्टी का अवैध उत्खनन किया जा रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है, जिसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जावे।

“ग्राम पंचायत अतरी में 15वां वित्त आयोग से निर्मित मेन रोड़ से शांति धाम तक सीसी रोड़ निर्माण लागत 13 लाख 80 हजार रुपए, जिसकी प्रशासकी स्वीकृति क्रमांक 18 व दिनांक 25 अक्टूबर 2021 और तकनीकी स्वीकृति क्रमांक 17 व दिनांक 28 अक्टूबर 2021 है, जिसे ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा 500 मीटर सीसी सड़क बनाया जाना था जिसे 2 वर्ष पूर्व सिर्फ 80 मीटर सड़क बनाकर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया जिसकी लगभग 9 लाख 47 हजार 864 रुपए की राशि 2 वर्ष पूर्व ही आहरण कर ली गई है, जिसकी पूर्व सरपंच सहित ग्रामीण जनों ने 27 अगस्त 2024 को जनपद पंचायत लालबर्रा व जिला पंचायत बालाघाट कार्यालय एवं सांसद व विधायक को शिकायत की है। शिकायत के बाद सरपंच द्वारा 100 मीटर की सीसी सड़क फिर बना दी गई, 500 मीटर में से कुल 180 मीटर सड़क बनाई गई है और उससे अधिक की शासकीय राशि आहरण कर ली गई है। जिस संबंध में 14 अक्टूबर सोमवार 2024 को पंचायत भवन में जांच करने जांच अधिकारी जनपद पंचायत लालबर्रा से एसडीओ संतोष नागेश पहुंचे थे जिन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी और मौका स्थल का निरीक्षण भी किया, जिसके बाद उन्होंने कोई भी पंचनामा तैयार नहीं किया और शिकायत करने वाले पक्ष को समझाईश देते हुए कि उक्त सीसी सड़क बन जाएगी, बना दिया जाएगा कहकर मामले को शांत कर सरपंच के भ्रष्टाचार के कारनामे को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। जिम्मेदार जांच अधिकारी उक्त सीसी सड़क मामले की निष्पक्ष जांच कर विधिवत नियमानुसार कार्रवाई करें। सरपंच द्वारा बिना सीसी सड़क का कार्य पूर्ण किए ही शासकीय राशि का आहरण कर अपने निजी काम में उपयोग कर अपने पद का दुरुपयोग किया गया है, ऐसे सरपंच पर धारा 40 की कार्रवाई प्रस्तावित किया जाना उचित एवं न्याय संगत होगा ग्रामीण जनों ने यह मांग रखी है, जिससे कि कोई भी सरपंच अपने पद का दुरुपयोग ना कर सके और शासकीय राशि का बंदरबांट न हो सके। शिकायतकर्ता पूर्व सरपंच लवकुश पांचे सहित ग्रामीण जनों ने यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई एवं सरपंच पर कार्रवाई नहीं हुई तो और भी जिम्मेदार उच्च अधिकारियों को शिकायत करने व न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। शिकायत करने वालों में यह ग्रामीण शामिल हैं- पूर्व सरपंच व वार्ड नंबर 8 के पंच लवकुश पांचे, देवीदयाल राहंगडाले, हसीना हुमनेकर, उर्मिला कावरे, तेजलाल उईके, हंसराम देशमुख, ज्ञानीराम पंचेश्वर, सुरेंद्र पाचे, दिलीप पंचेश्वर, मुन्नालाल पंचेश्वर, मनोज देशमुख, उमाशंकर कावडे, विक्रांत मानेश्वर, दीपक देशमुख, फागूलाल, विनीत हुमनेकर, महिपाल ढोमने, कान्तिलाल मेश्राम, जगनलाल बरले, उदेलाल, निकेश हुमनेकर, शेषराम पंचेश्वर, कसलनाथ पाचे, महेंद्र मात्रे, मनीष पंचेश्वर, ओमप्रकाश सहारे, साबुलाल मर्सकोले, साहेबलाल मर्सकोले, केवलराम अमलेवार, इंद्रकुमार कावरे, संतलाल पंचेश्वर व अन्य ग्रामीण जन शामिल हैं।


