विधायक निधि राशि का दुरूपयोग होना हो रहा प्रतीत, नगर परिषद

केवलारी का मामला विधायक निधि से 2 लाख रूपये की राशि केवलारी तहसील परिसर मे अर्जीनवीस कक्ष के निर्माण हेतु स्वीकृत हुई है, भवन के निर्माण हेतु बकायदा नगर पंचायत केवलारी ने जनवरी 2023 को लोक निर्माण विभाग मे पंजीकृत ठेकेदार के माध्यम से निर्माण कराने हेतु निविदा भी जारी किया था, नगरीय निकाय निर्वाचन व विधानसभा निर्वाचन के खत्म होने के उपरांत अब नगर परिषद केवलारी ठेकेदार के माध्यम से उक्त निर्माण कार्य प्रारंभ कराने वाली है, वही उक्त निर्माण कार्य को लेकर भवन मे बैठे सभी सर्विस प्रोवाईडर व स्टाम्प पेपर विक्रेताओं की कोई सलाह नही ली गई और कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ को देखते हुए भवन निर्माण की रूपरेखा तैयार कर ली गई, यहां तक की बनने वाले भवन मे वकीलों का कोई अधिकार नही है, लेकिन उनके द्वारा भी इसमे दखलअंदाजी की जा रही है, 01 जुलाई 2015 से मध्यप्रदेश मे ऑनलाईन पंजीयन व स्टाम्प की सेवाये चालू होने से अर्जीनवीस, दस्तावेज लेखक व स्टाम्प विक्रेता के लायसेंस दिया जाना बंद हो गये है, वही जिनके पूर्व मे प्रदत्त जिनके पास लायसेंस है वे 62 वर्ष की आयु तक चलते रहेंगे और स्वत: रदद हो जावेगे, इसके स्थान पर पंजीयन विभाग ने सभी तरीके से प्रशिक्षित व कामकाजी ज्ञान रखने वाले शिक्षित को सर्विस प्रोवाईडर के लायसेंस देना चालू किया, और लायसेंसधारी अपनी उम्र के 65 वर्ष तक कार्य कर सकता है, इस प्रकार नये समय मे यहां कोई अनुज्ञप्तिधारी अर्जीनवीस न होने से इस भवन को सर्विस प्रोवाईडर कक्ष कहा जाना उचित होगा, अर्जीनवीस भवन/सर्विस प्रोवाईडर कक्ष मे अनुज्ञप्तिधारी सर्विस प्रोवाईडर को बैठने व वहां से पक्षकारों को आसानी से सेवायें देना होता है, इसी प्रकार वकीलों के बैठने के लिए बार रूम होता है, वैसे जब कमरा सर्विस प्रोवाईडर के लिए बन रहा है, तो यहां वकीलों व अनाधिकृत लोगों को दखलअंदाजी कराना उचित नही है, लेकिन निजी स्वार्थ को देखते हुए निर्माण की रूपरेखा मे वकीलों की ज्यादा चल रही है, काम क्या हो रहा है, कहां निर्माण हो रहा है, जनहित मे क्या सही है, इस पर सभी सर्विस प्रोवाईडर की न तो सलाह ली गई, न ही उन्हे कुछ बताया गया, वही पूर्व से बैठे लायसेंस समाप्त अर्जीनवीस का कहना है कि पुराने कमरे की छत को हटाकर उपर लेंटर डाल दो, तो कुछ लोगों का कहना है कि पीछे की ओर कमरा बना दो, विदित हो कि यहां पूर्व मे भी अर्जीनवीस कक्ष का विधायक निधि से निर्माण हुआ है जो पुराने कक्ष के पीछे बना हुआ है जो निजी स्वार्थ को देखते हुए सभी तरफ से बंद कर लिया गया है, जिस पर कोई बैठता भी नही है, बात यह भी आती है कि जब निर्माण नये तरीके से होना है तो पुराने भवन पर लेंटर कैसे होगा, नियमों मे भी काम को नये स्थान पर नये तरीके से किया जाना होता है,
अधिकृत स्टाम्प विक्रेता सह सर्विस प्रोवाईडर साबिर खान का कहना कि जाना है कि भवन मे वर्तमान मे 4 लोग ही लायसेंस लेकर बैठे हुए है, विधायक निधि से 2 लाख रूपये की राशि आई हुई है, इस पर मेरी कोई सलाह नही ली गई है, निजी स्वार्थ को देखते हुए निर्माण की रूपरेखा मे वकीलो व अनाधिकृत लोगो की ज्यादा चल रही है, नगर परिषद के कर्मचारी भी इनके कथानुसार कार्य करने की मंशा मे लगे हुये है, पूर्व से बने पक्केे कमरे का भी कोई उपयोग नही हो रहा है, राशि का जनहित मे व उचित स्थान पर सही उपयोग नही होने से शासन की राशि का दुरूपयोग होना प्रतीत हो रहा है,


