छिंदवाड़ा।मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने 25 सितंबर को देर शाम अपनी दूसरी लिस्ट जारी की. इस लिस्ट में 39 उम्मीवारों के नाम का ऐलान किया गया था. वहीं 26 सितंबर यानि की मंगलवार को बीजेपी ने एक और लिस्ट या कहें तीसरी लिस्ट जारी की है. खास बात यह है कि इस लिस्ट में महज एक ही प्रत्याशी के नाम की घोषणा की गई है. इस लिस्ट में महिला प्रत्याशी मोनिका बट्टी को अमरवाड़ा से टिकट दिया गया है. बता दें कुछ दिन पहले ही मोनिका बट्टी ने अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी. जिसके बाद मोनिका शाह बट्टी को पार्टी ने प्रत्याशी बना दिया है.
कुछ दिन पहले ही थामा था बीजेपी का दामन: अमरवाड़ा विधानसभा चुनाव में साल 2003 में उमा भारती की लहर के बाद भी मोनिका बट्टी के पिता मनमोहन शाह बट्टी ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीता था. हालांकि उन्होंने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से अलग होकर अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी का गठन कर लिया था. साल 2020 में कोरोना के चलते मनमोहन शाह बट्टी का निधन हो गया था. उसके बाद अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष उनकी बेटी मोनिका बट्टी थी. कुछ दिन पहले ही मोनिका बट्टी ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा. अब वहां से बीजेपी ने उसे अपना उम्मीदवार बना दिया है.
मोनिका के पिता के ऊपर रामायण जलाने का लगा था आरोप: मोनिका शाह बट्टी के पिता मनमोहन शाह बट्टी के ऊपर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के विधायक रहते हुए श्रीरामचरित मानस जलाने का आरोप लगाया गया था. साथ ही उन्होंने अमरवाड़ा के विधानसभा के अपने गांव देवरी में एक रावण का मंदिर भी बनवाया है. वे रावण के उपासक थे. उनका कहना था कि रावण गोंडो के मुखिया थे, इसलिए उन्हें जलाना नहीं चाहिए.
साल 2019 में बीजेपी ज्वाइन कर लोकसभा टिकट के थे दावेदार:साल 2019 के लोकसभा के चुनाव के दौरान मनमोहन शाह बट्टी भाजपा ज्वाइन करने वाले थे. दिल्ली और भोपाल के नेताओं से उनकी मीटिंग भी हो गई थी. इसके बाद भाजपा उन्हें छिंदवाड़ा से नकुलनाथ के मुकाबले चुनाव मैदान में उतारने वाली थी, लेकिन छिंदवाड़ा जिले के ही स्थानीय नेताओं ने श्री रामचरितमानस जलाने के विरोध के चलते, उन्हें पार्टी में लेने का विरोध किया था. फिर भी पार्टी में शामिल नहीं हो पाए थे.
कमलनाथ के घर में बीजेपी की रणनीति: दरअसल भारतीय जनता पार्टी कमलनाथ को उनके ही घर में घेरने की रणनीति बना रही है. मोनिका शाह बट्टी को टिकट देकर आदिवासी मतदाताओं को कैप्चर करने का प्रयास किया गया है, तो वहीं परासिया से ज्योति डेहरिया को टिकट दिया गया है. यह पहला मौका है, जब भारतीय जनता पार्टी ने छिंदवाड़ा जिले की दो विधानसभा में महिलाओं को मैदान में उतारा है. महिलाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा.


