
जबलपुर मध्यप्रदेश
जबलपुर, नन्हेलाल धुर्वे को मध्यप्रदेश के पुराने कांग्रेसी नेताओं में गिना जाता है। वो भी कुंडम क्षेत्र के उसी पड़रिया गांव के रहने वाले हैं जहां के रहने वाले नव निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष बरकड़े हैं। संतोष बरकड़े की जीत पर नन्हेलाल धुर्वे ने कहा कि घर को लड़का न जीतहै तो का बाहर वालो जीतहै..।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नन्हेलाल धुर्वे का यह बयान बहुत मायने रखता है। उनका कहना था कि संतोष उनके घर का लड़का है और उसको उनका समर्थन है और रहेगा। इसी दौरान नन्हेलाल धुर्वे ने एक ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। इस ग्रुप फोटो की खासियत यह है कि इसमें विधायक इंदू तिवारी, पूर्व महापौर प्रभात साहू, नगर भाजपाध्यक्ष जीएस ठाकुर, ग्रामीण भाजपा जिलाध्यक्ष रानू तिवारी समेत भाजपा कार्यकर्ता खड़े हैं। नन्हेलाल धुर्वे भाजपा नेताओं से हाथ मिलाकर उनको बधाई दे रहे थे और मुस्कुराकर उनकी बधाई स्वीकार भी कर रहे थे। नन्हेलाल धुर्वे को कुंडम और बरगी क्षेत्र का पुराना और मंझा हुआ आदिवासी नेता माना जाता है। गौर करने योग्य एक बात यह भी है कि नन्हेलाल धुर्वे का बेटा सुरेंद्र धुर्वे भी दो दिन पहले ही कुंडम से जनपद पंचायत अध्यक्ष चुना गया है। गौर करने वाली बात यह है कि सुरेंद्र धुर्वे को भाजपा की ओर से अध्यक्ष बनाया गया है। इस तरह से कांग्रेस की मुट्ठी से रेत फिसलने का कारण कोई एक वजह नहीं, बल्कि अनेक हैं।
धरी रह गई कांग्रेस की बाड़ाबंदी
जबलपुर, कांग्रेस नेताओं ने अपने जिला पंचायत सदस्यों को लगातार अपने नजदीक ही रखा, किसी के संपर्क में उनको नहीं आने दिया। करीब सात दिन सभी रिसार्ट और होटलों की सैर करते रहे। पूर्व मंत्री मुकेश नायक, विधायक संजय यादव, लखन घनघोरिया, तरुण भानोत और महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू का लगातार उनसे संवाद चलता रहा। एक दिन पहले तक सभी कांग्रेसी नेताओं का दावा था कि इस बार कांग्रेस तीन पंचवर्षीय का सूखा समाप्त करेंगे, लेकिन उनके दावे धरे के धरे रह गए


