
उत्तर प्रदेश
ज्ञानव्यापी की मुख्य याचिकाकर्ता पूज्यनीया रेखा पाठक, सीता साहू, लक्ष्मी देवी, मंजू व्यास और राखी सिंह ने श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा हेतु याचिका प्रस्तुत की
ज्ञानवापी के रहस्योद्घाटन का पवित्र कार्य किया है,
इन सभी मातृशक्ति का नमन है !
शक्ति के बिना शिव अधूरे हैं। शायद इसीलिए मां शक्ति की प्रेरणा से अपने आराध्य महादेव के लिए स्त्री-शक्ति एकजुट हो गई।
ज्ञानव्यापी मामले में दिल्ली और बनारस की महिलाओं ने मिलकर अदालत में याचिका दाखिल की थी, जिसके पश्चात निरीक्षण कार्य चल रहा है। इन महिलाओं का कहना है कि मस्जिद परिसर (जोकि मंदिर परिसर था) में मौजूद मां शृंगार गौरी, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, आदि विश्वेश्वर, नंदीजी और मंदिर परिसर में दिख रहे दूसरे देवी-देवताओं का दर्शन, पूजा और भोग करने की अनुमति मिलनी चाहिए।
वाराणसी की अदालत में याचिका दाखिल करने वाली महिलाओं में लक्ष्मी देवी, राखी सिंह, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक शामिल हैं। इस मामले की अगुवाई राखी सिंह कर रही हैं। पांचों महिलाएं मंदिर में मिलीं और सहेलियां बन गईं। वे कहती हैं, हम सत्संग करते हैं। हम सब ने मिलकर सोचा कि कोई ऐसा काम करें कि मां शृंगार गौरी का मंदिर खुल जाए और रोजाना उनके दर्शन हो सकें।
अस्तु, श्रीराम जन्मभूमि का सच सुप्रीम कोर्ट ने सामने ला दिया। ज्ञानव्यापी मामले में भी हमें अदालत का निर्णय शिरोधार्य रखना है। परत-दर-परत सत्य बाहर आ रहा है। यहां का कंकर कंकर संकर है।
देखना होगा कि वहां शिव कब, कैसे और किन-किन रूपों में दृष्टव्य होते हैं।


