
सिवनी बालाघाट
सिवनी बालाघाट मार्ग बना हादसों का गढ़ निगल रहा आमजनों की जिंदगी
धारनाकलां/बरघाट- कहा जाता है कि सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का वहीं दूसरी ओर अगर केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार हो तो निश्चित रूप से अकड़ आ ही जाता है क्योंकि कौन क्या बिगाड़ लेगा की कहावत सिवनी बालाघाट मार्ग पर चरितार्थ हो रही है एक और तो भाजपा सरकार सबका साथ सबका विकास का नारा का ढिंढोरा निरंतर पीट रही है वही जमीनी हकीकत में सबका साथ सबका विकास तो दूर की बात है यहां पर सभी तरह से सब का सत्यानाश चरितार्थ हो रहा है बात करें सिवनी बालाघाट मार्ग की तो यहां पर निरंतर रोजाना ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता जो लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सफर नही करते हो और आए दिन गंभीर हादसों का शिकार हो रहे हैं इस मार्ग पर चलने वाले यात्रीगण चाहे वह टू व्हीलर वाले हो या फोर व्हीलर वाले हो अपनी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं क्योंकि उक्त मार्ग पर बावड़ी इतने बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं कि आम जनों का सफर करना मुश्किल हो गया है अगर सफर कर भी रहे हैं तो मंजिल तक पहुंचेंगे या अस्पताल इसका पता नहीं लगाया जा पा रहा है परंतु विगत एक माह में देखें तो उक्त मार्ग पर चलने वाले यात्री गण अपनी मंजिल को छोड़कर हादसों का शिकार होकर सीधे अस्पताल ही पहुंच रहे हैं गंभीर हादसों का शिकार होकर
अब तक 2 माह में लगभग 20 ग्रामीणों ने गवाई सिवनी बालाघाट मार्ग पर जाने
सिवनी बालाघाट मार्ग एक ऐसा मार्ग है जो 3 राज्यों को एक साथ जुड़ता है जहां से मध्य प्रदेश महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पहुंचने के लिए कोई दूसरा और अन्य रास्ता नहीं है वहीं वर्तमान में भाजपा की सरकार प्रदेश और राज्य में काबीज है जहां पर भाजपा के नेता कार्यकर्ता अपनी सरकार का ढिंढोरा नहीं पीट रहे हो परंतु जमीनी हकीकत में सिवनी बालाघाट मार्ग के गड्ढे देखकर नहीं लगता कि प्रदेश और राज्य में भाजपा की सरकार का बीज है जहां पर सिर्फ मौत के गड्ढे खुदे पड़े हैं आजू-बाजू बावड़ी नुमा गड्ढे बने हुए हैं उक्त मार्ग पर चलकर ग्रामीण अंचल के जन यात्रा करते हुए अपनी जान गवा रहे हैं वहीं शासन-प्रशासन अपनी हठधर्मिता और लचर कार्यप्रणाली से बाज नहीं आ रहा और उक्त मार्ग पर अब तक लगभग 20 वर्षों में कोई सुधार कार्य नहीं किया गया है जिसके चलते 2 माह में लगभग 20 ग्रामीणों ने हादसों में उक्त मार्ग पर अपनी जान गवा बैठे हैं
वही आज सिवनी बालाघाट मार्ग पर यात्रा कर रहे अर्टिका वाहन और एक ट्राला की जोरदार भिड़ंत हो गई जिसमें गड्ढे में फस कर दोनों वाहन आपसी में टकरा गए जिसमें अर्टिका वाहन में सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल होकर सीधे अस्पताल पहुंच गए वहीं एक युवक मौका ए वारदात पर जिसकी मौत हो गई बरघाट पुलिस ने बताया कि सिवनी बालाघाट मार्ग पर यात्रा कर रहे हिर्री नदी के ऊपर दोनों में जोरदार भिड़ंत के चलते गड्ढों में जाकर फंसे वाहनों से अर्टिका में सवार तीन लड़के में से एक की तुरंत ही मौत हो गई जिसका नाम प्रदीप पिता प्रताप सिंह उईके उम्र 25 वर्ष निवासी मंडी की शिनाख्त हो पाई वहीं दूसरा लड़का प्रदुम तुरकर और तीसरा लड़का सौरभ मर्सकोले सवार थे जो गंभीर रूप से घायल होकर जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं
नही पहुंची एम्बुलेंस
पैसे तो विधानसभा बरघाट को धान का कटोरा कहा जाता है परंतु इस धान के कटोरा में ना जाने किसकी नजर लग गई है तो विकास के नाम पर सिर्फ लीपापोती ही आम जनों तक पहुंची है सिवनी बालाघाट मार्ग पर गंभीर अवस्था में पहुंचे जनों को उठाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाई जबकि विधायक महोदय अर्जुनसिंह काकोडिया द्वारा पूर्व दिनों में एक एंबुलेंस शासकीय अस्पताल बरघाट को प्रदान की गई है तीनों लड़कों की गंभीर दुर्घटना को देखते हुए विधायक बरघाट अर्जुन सिंह काकोडिया शासकीय अस्पताल बरघाट पहुंचकर दो गंभीर लड़कों को अपने वाहन से तत्काल ही जिला अस्पताल पहुंचा दिया वहीं मृतक लड़के के परिवार जनों को न्याय दिलाने की बात भी कही विधानसभा बरघाट विधायक ने बताया कि जब तक अब सिवनी बालाघाट मार्ग का जीर्णोद्धार नहीं होगा तब तक टोल नाका किसी भी हालत में शुरू नहीं होने देंगे चाहे उसके लिए फिर आमरण अनशन करना पड़ेगा आंदोलन करना पड़े परंतु जब तक मार्ग दुरुस्त नहीं होगा तब तक किसी तरह का टोल नाका सिवनी बालाघाट मार्ग पर शुरू नहीं होगा जिसके लिए वह अब तैयारी कर चुके हैं क्योंकि उक्त मार्ग पर बड़े-बड़े बावड़ी नुमा गड्ढों में वाहन फस कर आमजन चकनाचूर हो रहे हैं जिससे मन बहुत दुखी है क्या वर्तमान सरकार सिवनी बालाघाट मार्ग का जीर्णोद्धार करेगी या नहीं या इसी तरह आम जनों की जानें कि साथ खिलवाड़ भाजपा सरकार करती रहेगी यह समझ के परे।


