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बरगी पुलिस की संवेदनशील पहल 24 घंटे में पश्चिम बंगाल के बिछड़े युवक को परिवार से मिलाया

Posted on

November 2, 2026

by india Khabar 24

जबलपुर / बरगी से (आशीष दुबे की रिपोर्ट)

बरगी पुलिस की सजगता, त्वरित कार्रवाई और मानवीय दृष्टिकोण के कारण पश्चिम बंगाल से भटककर आए एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को सुरक्षित ढूंढकर उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। जबलपुर पुलिस थाना बरगी पुलिस के संवेदनशील प्रयासों से यह परिवार दोबारा मिल सका।

घटना का विवरण:

दिनांक 30 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11:44 बजे ग्राम सुकरी के जागरूक नागरिक श्री तोपन्स भाईराम ने पुलिस को सूचना दी कि एक अज्ञात युवक (उम्र करीब 28-30 वर्ष) मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में घूम रहा है। सूचना मिलते ही इवेंट आईडी POL30102601728 पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एफ.आर.व्ही. 06 (FRV 06) की टीम तत्काल मौके पर पहुँची।
शुरुआती पूछताछ में युवक अपना नाम-पता बताने में असमर्थ था, उसने केवल खुद को पश्चिम बंगाल का निवासी बताया। युवक की मानसिक स्थिति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और युवक को तत्काल सुखसागर अस्पताल, मुकुनवारा (जबलपुर) में सुरक्षार्थ भर्ती कराया, जहाँ उसकी सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया।

ऐसे मिला सुराग 

अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस अधिकारियों ने युवक से बेहद संवेदनशीलता के साथ पूछताछ की। निरंतर प्रयासों के बाद युवक ने अपने पिता का नाम अजीत रूईदास और अपना पता ग्राम पोलर अधिकारी जोरई (मंझी पारा पोले), थाना खानाकुल, जिला हुगली, पश्चिम बंगाल बताया।

जबलपुर पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तत्काल पश्चिम बंगाल के थाना खानाकुल (खानाखोले) से संपर्क साधा। वहां की स्थानीय पुलिस के सहयोग से युवक के परिजनों को ढूंढा गया और फोन पर उनकी बात युवक से कराई गई। परिजनों ने युवक की पहचान पंचा रूईदास (पिता अजीत रूईदास, उम्र 27 वर्ष) के रूप में की और बताया कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है और घर से लापता हो गया था।
भावुक क्षण: परिजनों को सुपुर्दगी:
सूचना मिलते ही युवक के परिजन तत्काल जबलपुर के लिए रवाना हुए। आज दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को युवक के पिता श्री अजीत रूईदास (54 वर्ष), भाई तापोस रूईदास (37 वर्ष) और छोटा भाई सौरव (20 वर्ष) सुखसागर अस्पताल पहुँचे।

पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण करने, वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कराने के बाद पंचा रूईदास को सकुशल उसके पिता और भाइयों के सुपुर्द किया गया। अपने खोए हुए बेटे को सही-सलामत पाकर परिजनों की आँखें भर आईं और उन्होंने जबलपुर पुलिस व अस्पताल प्रबंधन का सहृदय आभार व्यक्त किया।

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November 2, 2026

by india Khabar 24

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