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जबलपुर: शादी का झांसा देकर महिला पुलिस अधिकारी का शारीरिक व आर्थिक शोषण; वकील पर FIR दर्ज

Posted on

August 3, 2026

by india Khabar 24


जबलपुर (मध्य प्रदेश)। जिला न्यायालय परिसर और सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र से धोखाधड़ी, जबरन धर्म परिवर्तन के दबाव और जातिसूचक उत्पीड़न का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश पुलिस की एक महिला प्रधान आरक्षक (Head Constable) की शिकायत पर जबलपुर के एक अधिवक्ता (वकील) के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उपनिरीक्षक (Sub-Inspector) स्तर के अधिकारी को जांच सौंपी है।
नाम बदलकर जाल में फंसाया, छिपाई धार्मिक पहचान
पीड़ित महिला अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, जिला न्यायालय परिसर में कार्यरत वकील ने जनवरी 2025 में अपना फर्जी नाम “सौरभ राजपूत” बताकर महिला से संपर्क बढ़ाया था। आरोपी ने अत्यंत शातिर तरीके से अपनी वास्तविक मुस्लिम धार्मिक पहचान (शेख सोहराब गौहर अख्तर) को पूरी तरह छिपाए रखा। महिला के तलाकशुदा होने और उसके दो बच्चों के साथ अकेले रहने की स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी ने उसका भरोसा जीता और शादी का प्रस्ताव रख दिया।
भोपाल और बर्गी ले जाकर किया दैहिक शोषण
दर्ज मामले के मुताबिक, आरोपी ने पीड़िता को अपने प्रेम जाल में फंसाकर लगातार झूठ बोले। जुलाई 2025 में वह पीड़िता को भोपाल और बर्गी जैसी जगहों पर घूमने ले गया। वहां से लौटने के बाद, जल्द शादी करने का झूठा आश्वासन देकर आरोपी ने पीड़िता की मर्जी के बिना उसके साथ निरंतर शारीरिक संबंध बनाए (दुष्कर्म किया) और उसका आर्थिक शोषण भी शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया से खुला राज, तो दी बच्चों की कस्टडी छिनवाने की धमकी
अगस्त 2025 में पीड़िता को आरोपी के वास्तविक इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरीज से पता चला कि उसका असली नाम शेख सोहराब गौहर अख्तर है। सच्चाई सामने आने पर जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपी ने ‘निकाह’ करने का मानसिक दबाव बनाया। आरोप है कि आरोपी ने अपनी कानूनी पकड़ का दुरुपयोग करते हुए पीड़िता के पूर्व पति के साथ मिलकर अदालती साजिश रची और पीड़िता के दोनों बच्चों (समीर और सिद्धि) की कानूनी कस्टडी उसके पूर्व पति को दिलवा दी, ताकि महिला पर दबाव बनाया जा सके।
गर्भवती होने पर गर्भपात का दबाव और जातिसूचक गालियां
शिकायत के अंतिम प्रभाग में पीड़िता ने बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़िता के गर्भवती होने पर आरोपी ने बच्चे को अपनाने से साफ इनकार कर दिया और जबरन गर्भपात (Abortion) कराने का दबाव बनाया। जब पीड़िता ने बात नहीं मानी, तो आरोपी और उसके मक्का नगर निवासी परिवार के सदस्यों (श्रीमती अल्फिजा व अन्य) ने पीड़िता के चरित्र पर लांछन लगाया। आरोपी ने पीड़िता की अनुसूचित जाति (SC – बसोर समुदाय) का उल्लेख करते हुए अत्यंत अपमानजनक जातिसूचक अपशब्द कहे और खुद को “बड़ा वकील” बताते हुए झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने व सरकारी नौकरी से बर्खास्त करवाने की धमकियां दीं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच शुरू
सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने महिला प्रधान आरक्षक की लिखित शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी शेख सोहराब गौहर अख्तर और उसके सहयोगियों के खिलाफ नए आपराधिक कानून

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 (शादी का झूठा वादा या पहचान छुपाकर संबंध बनाना), 351(3) (आपराधिक धमकी), 296 (अश्लील कृत्य व गाली-गलौज), मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 (जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास), और SC/ST एक्ट की विभिन्न कठोर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। मामले की आधिकारिक जांच उपनिरीक्षक ज्या तिवारी को सौंपी गई है और पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई में जुट गई है।

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August 3, 2026

by india Khabar 24

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