नरसिंहपुर।
नरसिंहपुर जिले की करेली बस्ती के गरीब परिवारों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लाभ न मिलने और प्रशासन द्वारा अपात्र घोषित किए जाने के विरोध में कलेक्टर महोदय को एक सामूहिक प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर योजना के लाभ से वंचित किया जा रहा है।
नरसिंहपुर जिले की करेली बस्ती के गरीब परिवारों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लाभ न मिलने और प्रशासन द्वारा अपात्र घोषित किए जाने के विरोध में कलेक्टर महोदय को एक सामूहिक प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर योजना के लाभ से वंचित किया जा रहा है।
भेदभाव और गलत सर्वे का आरोप
शिकायतकर्ता महिलाओं—मन्जू बाई रजक, जीजी बाई चौधरी और राधा जाटव—का कहना है कि वे सभी वार्ड क्रमांक 15 (महात्मा गांधी वार्ड), करेली बस्ती की निवासी हैं। वे अत्यंत गरीब हैं और उनके पास शासन द्वारा जारी गरीबी रेखा (BPL) के राशन कार्ड भी हैं।
पीड़ितों ने बताया कि प्रशासन ने उनके मकानों को ‘बगीचे’ की भूमि पर निर्मित बताकर पट्टा देने से इनकार कर दिया है और उन्हें अपात्र घोषित कर दिया है। जबकि हकीकत यह है कि उनके घर के बिल्कुल पास और उसी लाइन में बने अन्य कई मकानों को शासन द्वारा पहले ही पट्टे बांटे जा चुके हैं और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिल चुका है।
मौके पर पंचनामा और निष्पक्ष जांच की मांग
आवेदकों ने जिला प्रशासन के सामने मांग रखी है कि:
- मौका मुआयना: राजस्व अधिकारियों की टीम भेजकर मौके का निष्पक्ष ‘पंचनामा’ (On-site Investigation) तैयार करवाया जाए।
- समान कार्रवाई: यदि उनके मकानों को बगीचे का क्षेत्र बताकर अपात्र किया गया है, तो उसी जमीन और दायरे में बने अन्य जिन मकानों को पट्टे दिए गए हैं, उन पर भी समान रूप से निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।
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