
जबलपुर : सोलहवें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सचिन ज्योतिषी की अदालत ने वुशू संघ के अध्यक्ष-सचिव सहित अन्य के विरुद्ध दायर पुनरीक्षण याचिका निरस्त कर दी। मामला प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मृणाल मोहित की अदालत द्वारा परिवाद निरस्त किए जाने को चुनौती से संबंधित था। परिवादी गंगा नगर, गढ़ा, जबलपुर निवासी मनोज गुप्ता का कहना था कि वह मध्य प्रदेश वुशू संघ का सचिव है। भोपाल निवासी एनके त्रिपाठी जब अध्यक्ष थे, तब सारिका गुप्ता सचिव थीं। दोनों ने संघ के संदर्भ में क्रियाकलापों को लेकर सूचना पत्र दिया था।
लेकिन बैठक में दोनों उपस्थति नहीं हुए। बाद में अपने निज निवास में बैठक दर्शाकर कार्यकारिणी के पांच अधिकारियों को निष्कासित कर दिया। इस अनियमितता की पुलिस में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न किए जाने पर परिवाद दायर किया गया था। लेकिन वह परिवाद निरस्त कर दिया गया। । इसीलिए पुनरीक्षण याचिका दायर की गई है। मामले की सुनवाई के दौरान अनावेदक एनके त्रिपाठी व सारिका गुप्ता सहित अन्य की ओर से अधिवक्ता अभिषेक दिलराज ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पुनरीक्षण याचिकाकर्ता आरोपों के संबंध में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका और उसने यह याचिका संघ के कल्याण हेतु न प्रस्तुत कर मात्र अपने रिप्लेसमेंट से क्षुब्ध होकर लगाई है । इसीलिए न तो पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया क्योंकि समस्त सदस्यों ने बैठक का होना बताया एवं अपने हस्ताक्षर प्रमाणित किए साथ ही संघ के फंड का कोई दुरुपयोग भी नहीं पाया गया और न ही अदालत ने परिवाद स्वीकार किया। इसी प्रक्रिया अंतर्गत पुनरीक्षण याचिका भी निरस्त करने योग्य लेख कर निरस्त की गई ।



