शहपुरा-भिटोनी (जबलपुर) गजेन्द्र सेंगर ।
जबलपुर से भोपाल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-45 (NH-45) पर स्थित शहपुरा बाईपास ब्रिज रखरखाव के अभाव में बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की अनदेखी के चलते यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ब्रिज के ऊपर जगह-जगह गहरी दरारें आ गई हैं, कंक्रीट उखड़ने से लोहे की गाटर और सरिया बाहर निकल आए हैं, और वाहनों के दबाव से लगातार कंपन बढ़ रहा है।
जबलपुर से भोपाल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-45 (NH-45) पर स्थित शहपुरा बाईपास ब्रिज रखरखाव के अभाव में बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की अनदेखी के चलते यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ब्रिज के ऊपर जगह-जगह गहरी दरारें आ गई हैं, कंक्रीट उखड़ने से लोहे की गाटर और सरिया बाहर निकल आए हैं, और वाहनों के दबाव से लगातार कंपन बढ़ रहा है।

क्रैश बैरियर लटके, एक्सपेंशन जॉइंट्स उखड़े
ब्रिज की स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि इसके एक्सपेंशन जॉइंट्स पूरी तरह उखड़ चुके हैं और गिट्टी छोड़ने लगे हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति ब्रिज के डिवाइडर और क्रैश बैरियर की है। डिवाइडर पट्टी क्रैक होकर नीचे की तरफ लटक गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरा सा भी तेज धक्का लगने पर यह भारी-भरकम हिस्सा नीचे गिर सकता है, जिसकी चपेट में आकर नीचे से गुजरने वाले राहगीरों की जान जा सकती है।
ब्रिज की स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि इसके एक्सपेंशन जॉइंट्स पूरी तरह उखड़ चुके हैं और गिट्टी छोड़ने लगे हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति ब्रिज के डिवाइडर और क्रैश बैरियर की है। डिवाइडर पट्टी क्रैक होकर नीचे की तरफ लटक गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरा सा भी तेज धक्का लगने पर यह भारी-भरकम हिस्सा नीचे गिर सकता है, जिसकी चपेट में आकर नीचे से गुजरने वाले राहगीरों की जान जा सकती है।
पुराने हादसे से भी नहीं लिया सबक
स्थानीय ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि पूर्व में भी इसी लापरवाही के कारण इसी मार्ग का रेलवे ब्रिज धराशाई हो चुका है। उस समय भी प्रशासन से कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय रहते मरम्मत न होने से पुल गिर गया था। अब ठीक वैसी ही स्थिति बेलखेड़ा ब्रिज और इस शहपुरा बाईपास ब्रिज पर बनती जा रही है, जिससे लगता है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
जनप्रतिनिधियों और जनता ने उठाई मांग
स्थानीय पार्षद और पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने बताया, “यह ब्रिज इस क्षेत्र की लाइफलाइन है। जबलपुर, भोपाल, नरसिंहपुर और आसपास के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला यह मुख्य मार्ग है। रोजाना यहाँ से हजारों भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे दरारें और गहरी होती जा रही हैं।”
स्थानीय पार्षद और पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने बताया, “यह ब्रिज इस क्षेत्र की लाइफलाइन है। जबलपुर, भोपाल, नरसिंहपुर और आसपास के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला यह मुख्य मार्ग है। रोजाना यहाँ से हजारों भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे दरारें और गहरी होती जा रही हैं।”
ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं ने NHAI और PWD विभाग से मांग की है कि:
-
- तत्काल प्रभाव से इस ब्रिज का तकनीकी निरीक्षण (Technical Inspection) कराया जाए।
- सुरक्षा के मद्देनजर भारी और ओवरलोडेड वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई जाए।
- जब तक मरम्मत पूरी नहीं होती, तब तक चेतावनी बोर्ड और मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए।
जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर लोग
हैरानी की बात यह है कि इतनी जर्जर हालत होने के बाद भी प्रशासन द्वारा सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। पुल पर न तो कोई डायवर्जन बोर्ड है और न ही कोई चेतावनी। हर दिन हजारों वाहन चालक अपनी जान हथेली पर रखकर इस क्षतिग्रस्त ब्रिज से गुजरने को मजबूर हैं।
हैरानी की बात यह है कि इतनी जर्जर हालत होने के बाद भी प्रशासन द्वारा सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। पुल पर न तो कोई डायवर्जन बोर्ड है और न ही कोई चेतावनी। हर दिन हजारों वाहन चालक अपनी जान हथेली पर रखकर इस क्षतिग्रस्त ब्रिज से गुजरने को मजबूर हैं।
Views: 527



