
सिवनी जिले की जनपद पंचायत घंसौर के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोल्हिया में जलसंवर्धन अभियान के तहत निर्मित दो तालाबों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले उजागर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार जल संरक्षण को लेकर पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा यह अभियान, सिवनी में केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गया है। अभियान की निगरानी प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा द्वारा की जा रही थी, फिर भी घंसौर क्षेत्र की इस पंचायत में जनता के पैसों की बर्बादी और गुणवत्ता से खिलवाड़ साफ नजर आ रहा है।
गोल्हिया पंचायत में करोड़ों रुपये की लागत से दो तालाबों का निर्माण कराया गया था, जिसका उद्देश्य था वर्षा जल का संग्रहण कर ग्रामीणों को सिंचाई एवं जल आपूर्ति में सहायता प्रदान करना। लेकिन निर्माण पूरा होते ही तालाबों की मेड़ टूट गई और पानी बहकर खेतों में चला गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में स्थानीय सचिव, इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत से भ्रष्टाचार हुआ है। पंचायत सचिव द्वारा दी गई सफाई में कहा गया है कि “काम फिर से कराया जाएगा”, जो अपने आप में यह स्वीकार करता है कि पहले किया गया काम खराब था। इससे सवाल उठता है कि पहली बार निर्माण के समय कौन जिम्मेदार था और किसके संरक्षण में यह भ्रष्टाचार हुआ।
अब सवाल यह है कि क्या सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन इन दोषियों पर सख्त कार्यवाही करेंगी? क्या जनपद के जिम्मेदार अधिकारी, सब इंजीनियर और पंचायत सचिव को जांच के दायरे में लाया जाएगा? यह भी जांच का विषय है कि आखिर किसके राजनीतिक संरक्षण में यह लापरवाही और भ्रष्टाचार पनपा।
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज की जाए। यदि समय रहते कड़ी कार्यवाही नहीं हुई, तो यह अभियान केवल दिखावा बनकर रह जाएगा और जनता का विश्वास शासन-प्रशासन से उठ जाएगा।
जलसंवर्धन जैसी महत्वपूर्ण योजना में इस तरह का भ्रष्टाचार, शासन की मंशा को कलंकित करता है। उम्मीद की जा रही है कि सिवनी प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।




