फरीद खान / शहडोल।गांवों के विकास एवं ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए शासन द्वारा कई योजनाएं चलाकर निर्माण कार्य कराए जाते है। लेकिन पंचायतों में स्थिति यह है कि कई कार्य स्वीकृत होने के बावजूद शुरू ही नहीं हुए है तो कोई सालों से अधूरे पड़े है। कुछ ऐसी ही स्थिति जनपद पंचायत जयसिंहनगर के ग्राम पंचायत चितरॉव की है, जहां पर कई कार्य स्वीकृत है, जिनका भूमिपूजन भी हो गया है, लेकिन निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। वहीं कुछ कार्य शुरू तो हुए है लेकिन वे पूरे नहीं हुए है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत के अंदर तालाब घाट निर्माण, पंचायत बाउंड्री वॉल व मरम्मत सहित अन्य कार्य स्वीकृति है, जिनके कार्य अपूर्ण पड़े हुए है। ऐसे में ग्रामीणों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है।
तालाब घाट का निर्माण अधूरा-
शासन की तालाब घाट योजना के तहत गांव में तालाब घाट का निर्माण किया जाना है, लेकिन तालाब घाट का कार्य अधूरा पड़ा है। तालाब घाट का भूमिपूजन 2 माह पूर्व को किया गया एक टाली गिट्टी, और एक टाली बोल्डर दिखाकर निकाल गई 3 लाख की राशि और जब इतने से काम नहीं चला तो पुनः इंजीनियर के द्वारा दोबारा राशि के लिए प्रतिवेदन भेजा गया है।
नहीं हुए बाउंड्री वाल व मरम्मत के निर्माण –
गांव की पंचायत के बाउंड्री वॉल व मरम्मत बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य 1 वर्ष पहले ही स्वीकृत हो चुका था पर कार्य नहीं किया गया दो कॉलम का गड्ढा दिखाकर 2 लाख की राशि आहरण कर ली गई
जिसका कार्य भी बीम कालम बनाकर कार्य अधूरा छोड़ दिया है। जिनका लंबा समय बीतने के बाद भी निर्माण को लेकर कोई भी प्रक्रिया होती नहीं दिख रही है। इसी तरह पंचायत का निर्माण अधूरा पड़ा है।
गौरतलब है कि नगर से सटी हुई पंचायत मे निर्माण कार्यो के यह हाल है, तो फिर दूर दराज व आदिवासी अंचलो की पंचायतो मे निर्माण की क्या गति होगी अंदाजा लगाया जा सकता है। यह केवल विभागीय अधिकारियो की उदासीनताओ के चलते अटके हुए है, जबकि इन्हे प्राथमिकता से पूर्ण कराया जाना चाहिए।




