(मंत्री ने संचालक मंडल की बैठक में जबलपुर में पदस्थ प्रबंधक वित्त अरविंद नगरारे को गंभीर वित्तीय अनियमितता और नियम के विपरीत काम कर परिवहन कर्ता ठेकेदार को 52 लाख रुपए का अनुचित लाभ पहुंचाने के मामले में दोषी पाये जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही उसकी अपील निरस्त कर दी गई है)
भोपाल खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने नागरिक आपूर्ति निगम के कामकाज पर जमकर नाराजगी जताई है। मंत्री ने निगम के अफसरों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपनी जवाबदेही को समझें और काम में किसी तरह की लापरवाही न करें। जनहित से जुड़े किसी भी मामले में गड़बड़ी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आने पर दोषी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन लिमिटेड भोपाल की संचालक मंडल की बैठक में खाद्य मंत्री राजपूत ने फील्ड और मुख्यालय स्तर पर पदस्थ नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी-कर्मचारियों से दो टूक कहा कि सोयाबीन और अन्य उपार्जन के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिये। राजपूत ने कहा कि निगम को लाभ की स्थिति में लाने के लिये ठोस रणनीति बनायें। इसके लिये जरूरी हो तो अन्य राज्यों की पॉलिसी का भी अध्ययन करें।
सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने 7 माह का समय
संचालक मंडल की बैठक में तय किया गया कि सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर को 7 माह की समय-सीमा दी जाये। जिन कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की गयी है उन्हें अभी उच्च श्रमिक का वेतन दिया जाएगा। परीक्षा उत्तीर्ण करने पर उन्हें 17 हजार 500 का वेतन दिया जाएगा। इस निर्णय से 400 से ज्यादा कंप्यूटर ऑपरेटर को लाभ मिलेगा।
कर्मचारियों को दी जाएगी प्रोत्साहन राशि
संचालक मंडल की बैठक में नॉन के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों को 2023-24 के उपार्जन कार्य में सक्रिय योगदान के लिए 1 माह के मूल वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये जाने का निर्णय लिया गया है। नॉन के लगभग 800 अधिकारी-कर्मचारियों को यह लाभ प्राप्त होगा। इसके लिए 3 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
प्रबंधक वित्त के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश
1 मंत्री ने संचालक मंडल की बैठक में जबलपुर में पदस्थ प्रबंधक वित्त अरविंद नगरारे को गंभीर वित्तीय अनियमितता और नियम के विपरीत काम कर परिवहन कर्ता ठेकेदार को 52 लाख रुपए का अनुचित लाभ पहुंचाने के मामले में दोषी पाये जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही उसकी अपील निरस्त कर दी गई है।
2 प्रभारी जिला प्रबंधक मुरैना अरुण कुमार जैन की 3 वेतन वृद्धि बहाल करने की अपील को भी निरस्त कर दिया गया।
3 आउट सोर्स पर उन्हीं अधिकारियों को रखे, जिन पर पूर्व में कोई आरोप न हो। अगर इस तरह के अधिकारी आउटसोर्स पर रखे गए हैं तो उन्हें तुरंत सेवा से पृथक करें।





