राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय सर्पदंश निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत पेरामेडिकल स्टॉफ / चिकित्सा अधिकारी के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ

जबलपुर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश के आदेशानुसार, कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय सर्पदंश निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत चिकित्सा अधिकारियों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ का दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला दिनांक 18 से 19 अक्टूबर को स्वामी विवेकानन्द सभागृह, जिला चिकित्सालय जबलपुर में आयोजित की गयी । प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रथम दिन जिला स्वास्थ्य एवं महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ विनीता उप्पल एवं अधीक्षक नानाजी देशमुख वेटरनरी साइंस कॉलेज जबलपुर डॉ रणवीर सिंह जाटव ने उपस्थित रहकर प्रशिक्षणार्थियों को अपना मार्गदर्शन दिया। आज अंतिम कार्यशाला का समापन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा की उपस्थिति में हुआ।
समापन अवसर पर सीएमएचओ डॉ संजय मिश्रा ने बताया कि स्नेक बाइट तथा रेबीज से हो रही मौतों के मुख्यतः दो कारण है पहला यह कि एंटी स्नेक व एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने में देर करना तथा दूसरा मिथक अधिक होने के कारण लोग तुरंत अस्पताल न जाकर झाड़ फूंक में समय खराब कर देते हैं। लोगों में जागरूकता लाकर इन मौतों को कम किया जा सकता है। डॉ संजय मिश्रा ने आगे कहा कि उक्त प्रशिक्षण में अर्न्तविभागीय समन्वय की आवश्यकता को ध्यान में रखकर सभी विभागों की सहभागिता के लिए विशेष जोर दिया गया है, जिससे सही समय पर सर्विलांस एवं रिपोर्टिंग कार्य हो एवं पीड़ित का जल्द से जल्द उपचार प्रारंभ हो सके और होने वाली मौतों को कम किया जा सके। इस एकदिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में कुशल मास्टर प्रशिक्षक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विनीता उप्पल, एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ सारिका दुबे, एम एंड ईओ सुश्री श्रीया अवस्थी एवं पाथ संस्था से डॉ फयीमुद्दीन मंसूरी द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर कार्यशाला के अंतिम दिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विनीता उप्पल द्वारा सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।





