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मामला मकान के कब्जे से लेकर पहुंचा बलात्कार के आरोप तक,, आवेदक महिला जिस व्यक्ति पर यह आरोप लगा रही अनावेदक खुद निष्पक्ष जांच की कर रहे है मांग

Posted on

July 6, 2024

by india Khabar 24

 

14 दिन में दो बार महिला पहुंची थाने और शिकायत लिखवाने के पहले ही चली गई, पुलिस की प्राथमिक जांच में नहीं हो पाई आरोप की पुष्टि

मामला गुलाना तहसील के गांव धतुरिया का, जहां की एक आवेदक महिला वहीं के एक व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार का आरोप लग रही है लेकिन थाने पर पहुंच बगैर शिकायत दर्ज करवाए ही लौट रही, तो अनावेदक पक्ष भी निष्पक्ष जांच के लिए थाने से लगाकर भोपाल के वरिष्ठ कार्यालय तक दे चुका हैं आवेदन

गुलाना
गुलाना तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव धतुरिया के एक मामले ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि वह मामला देखते ही देखते बलात्कार के आरोप तक पहुंच गया। संबंधित महिला के पति ने अपने मकान का कब्जा उस व्यक्ति को दे दिया जिसने उसे नोटरी के साथ खरीदा था। मकान का कब्जा देने के दूसरे दिन ही महिला ने मकान के कब्ज धारक के खिलाफ दूसरे ही दिन सलसलाई थाना पहुंच बलात्कार का आरोप लगाते हुए आवेदन दे दिया। जिस व्यक्ति के खिलाफ महिला के द्वारा यह आरोप लगाया गया वह व्यक्ति भी सलसलाई थाने से लगाकर भोपाल तक आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग कर चुका है।

सलसलाई थाना पुलिस के मुताबिक गांव धतुरिया निवासी पवन बाई पति बने सिंह ने थाना पहुंच अपने ही गांव के अर्जुन सिंह पिता बापू सिंह राजपूत के खिलाफ आवेदन देकर बलात्कार का आरोप लगाया है। पुलिस ने बताया कि महिला पहली बार 22 जून को सलसलाई थाना पहुंच आवेदन देकर गई थी। दूसरी बार फिर 5 जुलाई को आवेदक महिला अपने पति के साथ थाने पहुंची। लेकिन महिला पुलिस अधिकारी के आने के पूर्व ही बगैर शिकायत दर्ज करवाए ही चली गई। और इस तरह पिछले 14 दिनों में महिला आवेदक दो बार थाने से आकर चली गई है।

अनावेदक के दिए गए आवेदनों में मामला यह –

एक तरफ तो आवेदक महिला के द्वारा बलात्कार जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर अनावेदक पक्ष की तरफ से भी निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। 65 वर्षीय अनावेदक अर्जुन सिंह राजपूत ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में अपने गांव के ही बने सिंह पिता भेरु सिंह राजपूत से₹22000 में मकान खरीदा था, जिसका नोटरी दस्तावेज भी उनके पास है। मकान बेचने के बाद ही यह लोग गांव छोड़कर दूसरी जगह चले गए। गांव आने पर 21 जून 2024 को उन्होंने जब मकान का कब्जा लेने की बात पर जोर दिया तो बने सिंह मकान का कब्जा देने के लिए राजी हो गया, लेकिन उनकी पत्नी कब्जा न देने के लिए अड़ी रही। दोनों पति-पत्नी में बहस हुई और आखिरकार बने सिंह ने खुद मकान के दरवाजे को लात से तोड़ अपना सामान निकाल कर अर्जुन सिंह को कब्जा दे दिया। उस समय भी मौजूद कई ग्रामीण जनों के सामने ही यही महिला हमें किसी भी केस में फसाने का दबाव बना रही थी।

पुलिस की प्राथमिक जांच मैं भी महिला के आप की पुष्टि नहीं –

 

पुलिस के अनुसार आवेदक महिला के द्वारा दिए गए आवेदन के बाद ही सलसलाई थाना पुलिस मामले की जांच कर चुकी है। जांच में महिला के द्वारा लगाए जा रहे आरोप की पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 21 जून को आवेदक महिला एवं उसके पति के बीच मकान का कब्जा देने को लेकर सार्वजनिक तौर पर बहस चली थी, पति मकान का कब्जा देना चाहता था और पत्नी मना कर रही थी। इस घटनाक्रम के सभी वीडियो फुटेज एवं जिस समय मकान का सौदा हुआ था उसके नोटरी दस्तावेज भी पुलिस ने जुटाए है।

शिकायत के पूर्व ही दो बार थाने से चले जाना भी पुलिस के अनुसार संदेहप्रद –

22 जून याने पूरे 14 दिनों से गांव धतुरिया से पुलिस चौकी गुलाना एवं थाना सलसलाई के बीच आवेदक एवं अनावेदक पक्षों की भागदौड़ एवं खासकर 5 जुलाई के दिन हुए मामले को लेकर जब सलसलाई थाना प्रभारी जनक सिंह से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त महिला दो बार थाने पर आ चुकी है। दोनों बार ही महिला को थाने पर बिठाकर सुजालपुर से महिला डेस्क पुलिस ऑफिसर को तत्काल बुलवाया गया। लेकिन महिला पुलिस ऑफिसर के थाना परिसर पहुंचने के पूर्व ही दोनों बार आवेदक महिला उठकर चली गई है। उन्होंने बताया कि मामला पूरी तरह संदेह के दायरे में है। आवेदक एवं अनावेदक दोनों के ही आवेदन प्राप्त है। किसी के भी साथ गलत ना हो जाए, इसके लिए पुलिस पूरी गंभीरता के साथ जांच में जुटी हुई है।

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July 6, 2024

by india Khabar 24

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