पवनी/बिलाईगढ़
पवनी//सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला के अंतर्गत आने वाले स्कूल शासकीय प्राथमिक शाला बालक पवनी, एवं शासकीय प्राथमिक शाला कन्या पवनी में घर पर बच्चों को सीखने सिखाने में मदद करने के लिए माताओं की मदद ली जाएगी। ‘अंगना म शिक्षा’कार्यक्रम के तहत दो साल से माताओं को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास चल रहा है, परंतु अब गर्मी की छुट्टियां शुरू होने के पहले शिक्षक माताओं को बताएंगे कि बच्चों को क्या और कैसे सिखाना है। बच्चों की पढ़ाई में कैसे मदद करनी है, इसके लिए एक्टिव मदर कम्युनिटी का गठन भी किया जाएगा। वहीं इस साल से प्रतिवर्ष 25 अप्रैल को ‘अंगना म शिक्षा मेला अर्थात पढ़ई तिहार’ का आयोजन किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य और समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयको को निर्देशित किया है कि जिले के सभी अधिकारी, सभी विकासखंड स्तरीय अधिकारी, संकुल समन्वयक और जिले के सभी स्व प्रेरित महिला शिक्षिकाओं को सक्रिय रूप से शामिल करते हुए इन कार्यक्रमों को आयोजित करें। इन कार्यक्रमों में बच्चों की उपलब्धि में सुधार के लिए माताओं का योगदान लिया जाना सुनिश्चित किया जाए, राज्य की सभी बसाहटो में माताओं को इस कार्यक्रम से जोड़ते हुए ‘एक्टिव मदर कम्युनिटी’ का गठन किया जाएगा। इसमें प्राथमिक कक्षाओं में अध्ययन कर रहे बच्चों की माताओं के साथ साथ शाला प्रबंधन समिति में शामिल माताएं, शिक्षा में रुचि लेने वाली महिलाएं, स्व सहायता समूह में शामिल महिलाओं को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा, आउट आॅफ स्कूल, ड्रॉपआउट बच्चों को जोड़कर उनसे इस कार्यक्रम में सहयोग लिया जाएगा। ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों को घर पर सीखने सिखाने के लिए सहमति से योजना बनाई जाएगी।
“अंगना में शिक्षा कार्यक्रम को मिला है स्कॉच अवार्ड”
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में माताओं को जोड़कर बच्चों को घर पर सीखने सिखाने में सहयोग देने के लिए इस कार्यक्रम को काफी सफलता मिली है। इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर स्कॉच अवार्ड से भी नवाजा गया है, महत्वपूर्ण यह है कि यह कार्यक्रम शिक्षिकाएं संचालित कर रही है। राज्य में अभी तक पिछले 2 वर्षों में इस कार्यक्रम से 3 लाख से अधिक माताएं सक्रिय रूप से जुड़ चुकी है और बच्चों की शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
”हर मनाया जाएगा पढ़ई तिहार”
इस वर्ष से प्रतिवर्ष 25 अप्रैल को “अंगना म शिक्षा” मेला अर्थात पढ़ई तिहार का आयोजन किया जाएगा। प्रतिवर्ष इसी तिथि में यह त्यौहार आयोजित कर स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के पहले माता एवं बच्चे ग्रीष्मकालीन अवकाश में सीखना सिखाना जारी रख सके, इसके लिए इस अतिथि का चयन किया गया है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के 1 सप्ताह पहले से ही स्कूल में शिक्षकों से बच्चों को कैसे और क्या-क्या सिखाना है, आदि तय कर पढ़ाने का तरीका समझ कर, स्कूल के माध्यम से आवश्यक पठन सामग्री, पुस्तकालय से पुस्तकों की व्यवस्था से लेकर अन्य उपयोगी शिक्षण सामग्री स्कूल से लेकर सीखने सिखाने का कार्य जारी रखा जाएगा। माताओं को स्कूल बंद होने से पहले स्कूल में सीखने के लिए उपलब्ध विभिन्न संसाधन, मुस्कान पुस्तकालय की पुस्तकें, “अंगना म शिक्षा” से संबंधित मुद्रित सामग्री, स्लेट पेंसिल, सपोर्ट कार्ड, जिसमें बच्चों की प्रगति की प्रविष्टि करते हुए माताएं अपने हस्ताक्षर से बच्चों की रिपोर्ट स्कूल के प्रधानाध्यापक को स्कूल खुलने पर देगी। इस कार्यक्रम में प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला बालक पवनी प्रकाश चंद साहू, प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला कन्या पवनी पुरंदर सिंह दीक्षित, सहायक शिक्षक गीता देवांगन, शैल कुमारी साहू, अंतिमा कंवर, अनिल कुमार साहू, मुकेश कुमार घृतलहले, युगेश्वरी साहू, चंद्रिका साहू, एवं बच्चे भारी संख्या में उपस्थित रहे
इंडिया खबर 24 न्यूज़ के सहयोगी कैमरामैन चित्रलेखा श्रीवास के साथ बिलासपुर संभागीय हेड अशोक कुमार श्रीवास की खास रिपोर्ट



