लालबर्रा।
जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत नगर मुख्यालय की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत पांढ़रवानी (लालबर्रा) हमेशा ही अपने कारनामों की कारगुजारी से सुर्खियों में रही है कभी किसी समाज के लोगों को अमर्यादित अभद्र टिप्पणी करने के मामले पर, तो कभी रेत चोरी करने पर, तो कभी किसी पत्रकार की आवाज को दबाने के लिए, तो कभी पंचायत के मुखिया अभद्रता दुर्व्यवहार से पेश आने पर तो व भ्रष्टाचार करने पर, ऐसे अनेक विषयों को लेकर पांढ़रवानी पंचायत हमेशा ही अखबारों की सुर्खियों में नजर आती रही है। शासकीय राशि का गलत उपयोग करने का मामला सामने आया है, जहां मई 2022 में पंचायत के वार्ड नंबर 18 में बिना नाली निर्माण कराए ही लगभग 1लाख 83 हजार कुछ रुपए की राशि फर्जी तरीके से बिल लगाकर आहरण कर लिए गए हैं। जिसकी शिकायत 26 सितंबर 2022 को की गई थी, और 14 नवंबर 2022 को भी की गई है। जिसकी निष्पक्ष जांच होना अभी बाकी है। और सरपंच सचिव द्वारा ग्राम पंचायत की पूरी बाडी के बिना एवं स्थायी समितियों के बिना प्रस्ताव तैयार किये मनमानी तरीके से फर्जी सामान खरीदी के बिल एवं पूर्व में तथाकथित लंबित भुगतान के बिलों को लगाकर बिना पंचायत प्रस्ताव के तथा मध्यप्रदेश भंडार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 का पालन किये बगैर मात्र 3 माह में 7 बार में 20 सितंबर 2022 से 7 नवंबर 2022 तक 9,71,711 रूपये की राशि का मनमाने तरीके से फर्जी बिल लगाकर राशि आहरण करने के आरोप लग रहे हैं। जो पूर्ण पंचायत बॉडी के बिना एवं पंचायत की स्थायी समितियों के बिना सहमति से एवं बिना प्रस्ताव तैयार किये लाखों रुपयों की राशि के मनमाने तरीके से फर्जी बिल लगाकर शासन की राशि का बंदरबांट करते हुए हेराफेरी कर शासकीय खजाने को नुकसान पहुंचाया गया है। जिसमें से पंचायत कर्मियों को एवं मजदूरी भुगतान में 2 लाख रुपये की राशि निकाली गई है बाकी के 7 लाख रुपये फर्जी तरीके से भुगतान कर आहरण करने के आरोप लग रहे हैं। उक्त मामले में उपसरपंच राकेश अग्रवाल सहित 11 पंच सुधीर जैन, मुकेश पटले, विनोद पंचेश्वर, रितेश्वरी राधे भोगाड़े,सरिता नागेश्वर, शीला धुर्वे, मिथुन बोरकर,सविता बाई, हेमलता मात्रे एवं कुछ जागरूक ग्रामीण नीरज पशीने व अन्य ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लालबर्रा गायत्री कुमार सारथी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालाघाट विवेक कुमार, जिलाधीश बालाघाट डा गिरिश कुमार मिश्रा, क्षेत्रीय विधायक गौरीशंकर बिसेन (गौरी भाऊ) से 14 नवंबर 2022 को लिखित शिकायत की है एवं भविष्य में पूर्ण पंचायत बॉडी की सहमति के बिना व बिना प्रस्ताव तैयार किये किसी भी प्रकार के सामग्री खरीदी के बिल का भुगतान करने पर रोक लगाने की बात लिखित में कही गई है। अधिकारियों से सूक्ष्मता से जांच कर पंचायत के भ्रष्टाचारी सरपंच अनीस खान, तत्कालीन सचिव, वर्तमान सचिव राजेंद्र बागरे, रोजगार सहायक पर उचित दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए शिकायत की गई है। संबंधित अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष बिना पक्षपात के एवं सूक्ष्मता से जांच करने पर पता चलेगा कि क्या सही है क्या गलत है ?
“कचरा फेको अभियान का हुआ असर”–
विगत एक पखवाड़ा पूर्व 4 नवंबर को उपसरपंच सहित पंचों व कुछ जागरूक ग्रामीणों ने कुछ वार्डों में कई माह से नाली की साफ-सफाई ना होने पर नाराजगी जताते हुए सरपंच सचिव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पंचायत की नालियों से कचरा उठाकर ग्राम में भ्रमण कर सरपंच सचिव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ग्राम पंचायत परिसर में कचरा लाकर फेंका गया था। जिसका असर हुआ है जिसके बाद कुंभकरणीय नींद से जागकर सरपंच सचिव के द्वारा नाली की साफ-सफाई करवाया गया है।


