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गांव गांव शहर शहर दिया जा रहा है विशाल भंडारे का निमंत्रण* *दिव्य धर्म यज्ञ दिवस सैंकड़ों जोड़ों का दहेज रहित विवाह, रक्तदान शिविर तथा संत गरीब दास जी की वाणी का तीन दिवसीय अखंड पाठ होगा

Posted on

November 6, 2022

by india Khabar 24

गाडरवाड़ा मध्यप्रदेश

 

* *गाडरवारा* संत रामपाल जी महाराज जी के तत्वावधान में ‘दिव्य धर्म यज्ञ दिवस’ के उपलक्ष्य में पूरे भारत वर्ष के 9 आश्रमों जैसे- 1- इंदौर आश्रम (मध्यप्रदेश ) 2 – कुरुक्षेत्र आश्रम 3 – भिवानी आश्रम 4 सिंहपूरा आश्रम(हरियाणा) 5-धुरी आश्रम ( पंजाब ) 6- खमानो आश्रम ( पंजाब ) 7- शामली आश्रम ( यूपी ) 8- सोजत आश्रम ( राजस्थान) 9- मुंडका आश्रम (दिल्ली) मे दिनांक 7 नवंबर 2022 से 9 नवंबर 2022 तक तीन दिवसीय अखंड भंडारे का आयोजन भारत के 9 आश्रमो में किया जा रहा है। जिसमें संतजी के अनुयायियों द्वारा देशभर के प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी, जज व नेताओं को , निमंत्रण पत्र दिया जा रहा है। प्रत्येक गांवों व शहरों के प्रमुखों को भी निमंत्रण पत्र दिया जा रहा है। सोशल मीडिया व प्रिंट मीडिया के माध्यम से भी पूरे विश्व की जनता को इस महान भंडारे में आमंत्रित कियाजा रहा है *इस भंडारे में होगी दहेज मुक्त शादी ओर विशाल रक्तदान* संत रामपाल जी महाराज जी के दिशानिर्देश में इस महान यज्ञ में अनेकों समाज हित के कार्यक्रम होंगे।
जैसे:- सैंकड़ों जोड़ों का दहेज रहित विवाह, रक्तदान शिविर तथा संत गरीब दास जी महाराज द्वारा रचित अमरग्रंथ साहेब की वाणी का तीन दिवसीय अखंड पाठ होगा। जिससे पाठी व श्रोताओं को ज्ञान यज्ञ का फल मिलता है।
*’दिव्य धर्म यज्ञ दिवस’ 600 वर्ष पहले किया था* आज से 600 वर्ष पूर्व संवत् 1570 ( सन् 1513 ) में काशी (बनारस) में वहां के काजी व पंडितों ने अपने अज्ञान का पर्दाफाश होता देख, परमेश्वर कबीर जी को परेशान करके काशी से भगाने के उद्देश्य से उनके नाम से 18 लाख साधु-संतो व अन्य लोगों को झूठी चिट्टी भेज दी थी, कि कबीर पुत्र नीरू, जुलाहों की कालोनी में रहने वाला तीन दिन का अखंड भंडारा करवा रहा है। जिसमें प्रत्येक बार भोजन करने वाले को एक मोहर (10 ग्राम सोना) और एक दोहर (कीमती कंबल ) तथा सूखा सामान भी साथ में दिया जाएगा। भंडारे में लड्डू, जलेबी, खीर पूड़ी, दही बड़े इत्यादि खाने को मिलेंगे। उन दुष्टों ने यह सोच रखा था, कि यह गरीब जुलाहा मुश्किल से अपना पेट भरता है। भंडारा तो करवाएगा नही बल्कि काशी छोड़ कर भाग जाएगा। परंतु इसके विपरित हुआ, समर्थ परमेश्वर कबीर जी अपने निजधाम सतलोक से केशो बंजारा का अन्य रूप धारण करके काशी में प्रगट हुए। 9 लाख बैलों के ऊपर पका पकाया भोजन सर्व सामान भरकर तथा सूखा सामान भी भरकर लाए। चिट्टी में लिखे अनुसार ही भंडारा करके उस सच्चे परमात्मा ने अपनी समर्थता का परिचय दिया। तीन दिन तक चले उस अखंड विशाल भंडारे में आए लोगों को उस परमेश्वर ने अपने ही दूसरे रूप केशो बंजारे के साथ ज्ञान चर्चा के माध्यम से तत्वज्ञान सुनाया और सबने उस कबीर परमेश्वर से नाम दीक्षा ग्रहण की। उन दुष्ट नकली काजियों व पंडितों की बोलती बंद हुई।
उस महान भंडारे की याद ताजा बनाए रखने के लिए वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज जी के आदेश से उनके अनुयायियों द्वारा *’दिव्य धर्म यज्ञ दिवस’* मनाया जा रहा है।
इस अवसर पर जिला कॉर्डिनेटर हरिराम साहु महेंद्र शर्मा इमरत पाल लखन कौरव ,जगमोहन शर्मा ,दिनेश प्रजापति,राकेश विश्वकर्मा हेमराज कुशवाहा मेहरवान पटैल अतर पटैल द्वारा गाडरवारा नगर मे प्रचार प्रसार किया।

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November 6, 2022

by india Khabar 24

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