सिवनी मध्यप्रदेश
पेंच राष्ट्रीय उद्यान के कोर के अलावा अब सैलानियों के बफर में सफर के प्रति रुझान बढ़ रहा है।बफर क्षेत्र में भी सैलानियों को दुर्लभ वन्यप्राणियों के दीदार नजदीक से हो रहे है।पिछले साल की तुलना में पर्यटकों की संख्या तीन गुनी बढ़ गई है।मानसून शुरू होने के बाद भी पर्यटकों में जंगल सफारी का उत्साह है।शनिवार को नाइट
सिवनी ।पेंच राष्ट्रीय उद्यान के कोर के अलावा अब सैलानियों के बफर में सफर के प्रति रुझान बढ़ रहा है।बफर क्षेत्र में भी सैलानियों को दुर्लभ वन्यप्राणियों के दीदार नजदीक से हो रहे है।पिछले साल की तुलना में पर्यटकों की संख्या तीन गुनी बढ़ गई है।मानसून शुरू होने के बाद भी पर्यटकों में जंगल सफारी का उत्साह है।शनिवार को नाइट सफारी पर गए पर्यटकों को खवासा बफर में तेलिया बाघिन के दो शावक अठखेलियां करते दिखाई दिए।कोर एरिया के गेट बंद होने के बाद पेंच राष्ट्रीय उद्यान के बफर एरिया सफारी करने पहुंच रहे पर्यटकों को लुभावने द्श्य देखने को मिल रहे हैं।

तेलिया बाघिन के शावकः पर्यटकों के दिखाई दिए दो शावकों के अठखेलियां करते वीडियो को पेंच टाइगर रिजर्व ने अपने फेसबुक पेज पर भी अपलोड किया है।खवासा के तेलिया क्षेत्र में नाइट सफारी करने गए करीब 8 जिप्सी वाहनों में सवार पर्यटकों ने दोनों शावक करीब से दिखाई दिए थे।कच्ची सड़क से कुछ दूरी पर हरियाली के बीच दोनों बाघ शावकों की मौज मस्ती देखकर पर्यटक रोमांचित हो गए।मौज मस्ती करते शावकों के खूबसूरत लम्हे का वीडियो खवासा बफर के गाइड व फोटोग्राफर नानेश्वर मेश्राम ने मोबाइल में कैद कर लिया, जो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।खवासा बफर की बाघिन (पीएन 109) जिसे तेलिया बाघिन के नाम से पेंच राष्ट्रीय उद्यान के गाइड जानते हैं।इस बाघिन के तीन शावक करीब एक साल उम्र के हो चुके हैं, जो सफारी के दौरान अक्सर पर्यटकों को नजर आते हैं।
बढ़ रही पार्क प्रबंधन की आयः वर्ष 2020-21 में बफर क्षेत्र में 20799 पर्यटकों ने जंगल की सैर की थी। जबकि इस साल 2021-22 में पर्यटकों की संख्या बढ़कर 66458 हो गई है।खवासा गेट, तेलिया नेचर ट्रेल, घाटकोहका, रुखड़ व कुंभपानी आदि बफर क्षेत्रों में अब बड़ी संख्या में सैलानी बफर में सफर व नेचर ट्रेल का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं।बफर में नेचर ट्रेल, नाइट सफारी, मचान में कैंपिंग, साइकिलिंग आदि गतिविधियां भी सैलानियों को आकर्षित कर रही है।बफर में सफर को बढ़ावा मिलने से ना केवल पार्क प्रबंधन की आय बढ़ रही है बल्कि बफर क्षेत्र में स्थित गांव के लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।खवासा और रूखड़ बफर में सबसे ज्यादा पर्यटक बफर जंगल की सैर करने पहुंच रहे हैं।
पार्क क्षेत्र में 80 बाघों की मौजूदगीः पेंच राष्ट्रीय उद्यान में इस समय शावक समेत करीब 80 बाघ है।वर्ष 2018 की गणना में पेंच राष्ट्रीय उद्यान में 56 वयस्क बाघ पाए गए थे। साथ ही 127 तेंदुए पाए गए थे।अब इनकी संख्या बढ़ गई है।यही कारण है कि सुबह व शाम की सफारी में जाने वाले अधिकांश सैलानियों को बाघ व तेंदुआ के करीब से दीदार हो रहे हैं।अधिकारियों के मुताबिक पेंच टाइगर रिजर्व में शावकों को जन्म देने वाली 14 से 15 बाघिन मौजूद हैं।इसमें से कुछ बाघिन के साथ शावक हैं।लेकिन पर्यटन एरिया सीमित होने के कारण पर्यटक सभी बाघिन व उनके शावकों को नहीं देख पाते।


