जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के शहपुरा भिटौनी क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक दावों की जमीनी हकीकत कागजी वादों से कोसों दूर नजर आ रही है। एक तरफ जहां क्षेत्र का महत्वपूर्ण रेलवे ब्रिज लंबे समय से क्षतिग्रस्त और अधूरा पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ पीडब्ल्यूडी (PWD) मंत्री के कड़े निर्देशों और समय-सीमा की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वर्तमान में पूरी जनता धूल, जानलेवा गड्ढों और प्रशासनिक उदासीनता के बीच नरकीय जीवन जीने को मजबूर है।
⏳ वादे और जमीनी हकीकत का बड़ा फर्क
मंत्री राकेश सिंह का अल्टीमेटम फेल: लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह ने सख्त निर्देश दिए थे कि मंडी डायवर्ट रोड से लेकर बेलखेड़ा ब्रिज तक के 400 मीटर हिस्से का सड़क निर्माण कार्य 20 अगस्त तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
दावे साबित हुए हवा-हवाई: तय की गई डेडलाइन (20 अगस्त) बीत जाने के बाद भी धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। जिम्मेदार अधिकारियों की सुस्ती के कारण निर्माण कार्य पूरा होना तो दूर, वह सिर्फ कागजी फाइलों और बयानों तक ही सिमट कर रह गया है।
🛣️ अच्छी भली सड़कें भी हुईं खस्ताहाल
क्षेत्र में विकास के नाम पर विनाश की स्थिति निर्मित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार:
शहपुरा में राय पेट्रोल पंप से लेकर मंडी प्रांगण तक जो मुख्य सड़क पहले पूरी तरह सही-सलामत हालत में थी, वह भी अब पूरी तरह उखड़ चुकी है।
निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी और भारी वाहनों के दबाव के कारण बची-खुची सड़कें भी खस्ताहाल और जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं।
❓ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल
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इस पूरे मामले ने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है:
जब सूबे के कैबिनेट मंत्री के आदेशों को अधिकारी हवा में उड़ा रहे हैं, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी?
रेलवे ब्रिज का काम कछुआ गति से चलने के बावजूद निर्माण एजेंसी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
जनता के टैक्स के पैसे से बनी अच्छी-भली सड़कों को बर्बाद करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
शहपुरा भिटौनी की यह बदहाली साफ दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर जनता की सहूलियत से ज्यादा कागजी आंकड़ों को चमकाने का खेल चल रहा है। यदि जल्द ही इस रेलवे ब्रिज और 400 मीटर की संपर्क सड़क का काम पूरा नहीं किया गया, तो क्षेत्र में किसी बड़े हादसे या उग्र जन-आंदोलन से इनकार नहीं किया जा सकता।


