जबलपुर।
संस्कारधानी को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के बड़े-बड़े दावों की पोल एक बार फिर मानसून की शुरुआती बारिश ने ही खोल दी है। शहर के व्यस्ततम इलाकों में शुमार करमचंद चौक, इंडियन कॉफी हाउस और हितकारिणी कॉलेज के आसपास का क्षेत्र जरा सी बारिश में ही टापू में तब्दील हो गया। नालियां चोक होने के कारण सड़कों का पानी अब सीधे रिहायशी कॉलोनियों और लोगों के घरों में घुस रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है।
संस्कारधानी को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के बड़े-बड़े दावों की पोल एक बार फिर मानसून की शुरुआती बारिश ने ही खोल दी है। शहर के व्यस्ततम इलाकों में शुमार करमचंद चौक, इंडियन कॉफी हाउस और हितकारिणी कॉलेज के आसपास का क्षेत्र जरा सी बारिश में ही टापू में तब्दील हो गया। नालियां चोक होने के कारण सड़कों का पानी अब सीधे रिहायशी कॉलोनियों और लोगों के घरों में घुस रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है।
📄 सिर्फ कागजों पर चल रहा सफाई अभियान
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा हर साल मानसून से पहले नालियों और बड़े नालों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। करमचंद चौक की मुख्य नालियां कचरे और गाद (सिल्ट) से पटी पड़ी हैं। जनता का कहना है कि नगर निगम का यह सफाई अभियान सिर्फ कागजों और फाइलों तक ही सीमित है, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ है।
🏫 हितकारिणी कॉलेज और काफी हाउस मार्ग पर लगा ‘जाम’
बारिश के बाद करमचंद चौक से हितकारिणी कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर घुटनों तक पानी भर गया। पूरी सड़क तालाब जैसी नजर आने लगी है, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों का निकलना दूभर हो गया है। कई वाहन पानी के बीच में ही बंद हो गए। वहीं, कॉफी हाउस के पास स्थित कॉलोनी के घरों में गंदा पानी घुसने से लोगों का घरेलू सामान खराब हो रहा है।
⚠️ गुजरात जैसी बारिश हुई तो मचेगी तबाही: जनता की चेतावनी
क्षेत्र के नागरिकों ने चिंता जताते हुए कहा कि जब महज कुछ घंटों की सामान्य बारिश में जबलपुर का यह हाल है, तो अगर सूरत (गुजरात) जैसी मूसलाधार या अतिवृष्टि हो गई, तो शहर में ‘त्राहि-त्राहि’ मचना तय है। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है और प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
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