जबलपुर।
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) री-एग्जाम के परिणाम घोषित होते ही संस्कारधानी जबलपुर के लिए एक बेहद गौरवशाली खबर सामने आई है। शहर के होनहार छात्र आर्यमन सोलंकी ने इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश में पहला स्थान (State Topper) हासिल किया है। आर्यमन को अखिल भारतीय स्तर (All India Rank) पर 46वीं रैंक प्राप्त हुई है। परिणाम जारी होने के बाद से ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) री-एग्जाम के परिणाम घोषित होते ही संस्कारधानी जबलपुर के लिए एक बेहद गौरवशाली खबर सामने आई है। शहर के होनहार छात्र आर्यमन सोलंकी ने इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश में पहला स्थान (State Topper) हासिल किया है। आर्यमन को अखिल भारतीय स्तर (All India Rank) पर 46वीं रैंक प्राप्त हुई है। परिणाम जारी होने के बाद से ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
नौवीं कक्षा से शुरू की थी तैयारी
अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर बात करते हुए आर्यमन ने बताया कि डॉक्टर बनने का उनका सपना काफी पुराना था। उन्होंने इसके लिए कक्षा 9वीं से ही गंभीर तैयारी शुरू कर दी थी। लगातार पांच वर्षों की कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।
डॉक्टर माता-पिता का मिला मार्गदर्शन
आर्यमन एक प्रतिष्ठित डॉक्टर परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता डॉ. फणींद्र सोलंकी शहर के जाने-माने यूरोलॉजिस्ट हैं, जबकि उनकी माता डॉ. अनुपमा सोलंकी एक प्रसिद्ध गायनेकोलॉजिस्ट हैं। आर्यमन ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग को दिया है।
परिवार में खुशी का माहौल
आर्यमन की इस उपलब्धि से पूरा परिवार खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी बड़ी बहन तान्या, जो स्वयं अभी मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं, ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हमें आर्यमन से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद तो थी, लेकिन देश में 46वीं रैंक लाना हमारे पूरे परिवार के लिए एक बड़ा सरप्राइज और गर्व का पल है।” परिवार को पूरा भरोसा है कि आर्यमन भविष्य में एक बेहद कुशल और संवेदनशील डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करेंगे।
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