सीएम हेल्पलाइन बना मजाक,जयसिंहनगर जनपद में बिना निराकरण के बंद हो रहीं शिकायतें,
फाइलों में निराकरण तैयार, जयसिंहनगर जनपद के पीसीओ पर आरोप
शहडोल। जनपद पंचायत जयसिंहनगर के कार्यालय में पदस्थ पीसीओ की कार्यप्रणाली को लेकर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का वास्तविक निराकरण किए बिना ही उन्हें बंद कर दिया जाता है तथा रिकॉर्ड में यह दर्ज कर दिया जाता है कि “शिकायतकर्ता शिकायत के निराकरण से संतुष्ट है।”शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया, न ही शिकायत के विषय में कोई जानकारी दी गई। इसके बावजूद शिकायतों को निराकृत बताकर बंद कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार निम्न शिकायतों में भी इसी प्रकार की कार्रवाई किए जाने का आरोप लगा है—
शिकायत क्रमांक : 37554046
शिकायत दिनांक : 01 अप्रैल 2026
शिकायत क्रमांक : 38264058
शिकायत दिनांक : 11 मई 2026
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यदि बिना जांच और बिना समाधान के शिकायतों का निराकरण दर्ज किया जा रहा है, तो यह सीएम हेल्पलाइन जैसी महत्वपूर्ण जनशिकायत प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न है। उनका कहना है कि संबंधित पीसीओ द्वारा शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और शासन की मंशा के विपरीत कार्य किया जा रहा है।
मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, संबंधित शिकायतों की पुनः जांच कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर निराकरण करने की माँग की हैं। पर सवाल उठता है कि शिकायतकर्ता शिकायत तो ग्राम पंचायत से विभिन्न योजनाओं का लाभ न मिलने के कारण करता है या फिर कुछ गड़बड़ी होने के कारण करता है इसमें पीसीओ साहब को क्या दिक्कत हो रही है। इनका तो फर्ज बनता है संबंधित शिकायतों का निराकरण करना पर ऐसा क्यों की शिकायत को दबाया जा रहा है।
अखिलेश द्विवेदी की रिपोर्ट
7879114228


