मुख्य बिंदु:
पाटन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला ग्राम खमदेही (जबलपुर)।
पुरानी रंजिश के चलते सुबह रोका गया और जानलेवा हमला हुआ।
घटना के वक्त आरोपी किसी अन्य खेत में भूसा भरने गया था।
सुबह 8:30 बजे का सीसीटीवी फुटेज आया सामने, ट्रैक्टर पर सवार दिखे आरोपी।
ग्रामीणों ने आरोपी परिवार को बताया प्रतिष्ठित, राजनेताओं की मिलीभगत की आशंका।
विशेष संवाददाता गजेन्द्र सेंगर, पाटन (जबलपुर) जबलपुर जिले के पाटन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम खमदेही में हाल ही में हुए गोलीकांड मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जहां एक तरफ पीड़ित युवक ने पुरानी रंजिश के तहत उस पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी तरफ आरोपी पक्ष के परिजनों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है।
सोशल मीडिया से मिली जानकारी, पत्नी ने जताया आश्चर्य
आरोपी की पत्नी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया, “हमें इस कथित घटना और आरोपों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। हमारे परिवार पर लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह से झूठे और निराधार हैं।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि जिस समय की यह घटना बताई जा रही है, उस समय उनके पति अपने कर्मचारियों के साथ किसी अन्य खेत में भूसा भरने गए हुए थे।
समय का बड़ा विरोधाभास: CCTV फुटेज दे रहा गवाही
इस पूरे मामले में समय का एक बड़ा तकनीकी विरोधाभास (Alibi) सामने आया है। पीड़ित युवक द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में घटना का समय सुबह बताया जा रहा है। इसके विपरीत, आरोपी पक्ष की ओर से कुछ वीडियो और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज प्रस्तुत किए गए हैं। इस फुटेज में सुबह 8:30 बजे आरोपी युवक अपने ट्रैक्टर पर भूसा लादकर घर लौटता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। ट्रैक्टर पर मौजूद कर्मचारियों ने भी गवाही दी है कि वे पूरे समय युवक के साथ ही थे।
ग्रामीणों ने बताया प्रतिष्ठित परिवार, राजनीतिक साजिश की बू
खमदेही और आसपास के क्षेत्रीय लोगों में भी इस घटना को लेकर काफी चर्चाएं हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी का परिवार क्षेत्र का एक बेहद प्रतिष्ठित और शांत स्वभाव का परिवार है, जिनका आज तक कभी किसी से कोई वाद-विवाद या लड़ाई-झगड़ा नहीं हुआ है।सूत्रों और स्थानीय लोगों की मानें तो इस पूरे मामले के पीछे कुछ स्थानीय राजनीतिक लोगों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस तफ्तीश पर टिकी निगाहें
परस्पर विरोधी दावों, सीसीटीवी फुटेज और राजनीतिक एंगल के सामने आने के बाद अब यह पूरा मामला पाटन थाना पुलिस की निष्पक्ष जांच पर टिक गया है। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती सीसीटीवी फुटेज के टाइम स्टैम्प की सत्यता परखने और घटना के वक्त दोनों पक्षों की मोबाइल टावर लोकेशन (CDR) की जांच करना होगी। देखना होगा कि जबलपुर पुलिस इस उलझी हुई गुत्थी को कैसे सुलझाती है


