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लगानी जमीन में पहुंचा बरगी बांध का पानी नुकसान का नहीं मिल रहा मुआवजा, घर खाली करने का हो गया नोटिस जारी

Posted on

September 28, 2024

by india Khabar 24

 

दुलीचंद मार्को संवाददाता

बरगी बांध के भराव से नारायणगंज के दर्जनों ग्रामों के लिए मुसीबत

शिविर में जाने के दिए आदेश

लेकिन इसके बाद अभी तक मुआवजा देने की कार्रवाई नहीं की गई।


नारायणगंज/ मंडला: आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला विकासखंड नारायणगंज क्षेत्र में बरगी बांध का पानी किसानों के खेतों में पानी भरने से धान का फ़सल नुकसान को लेकर आक्रोश ग्रामीणों ने बताया कि बरगी बांध के ऊपर नर्मदा और उसकी सहायक नदी बंजर व बुढनेर में बाढ़ के पानी के साथ लाखो टन मिट्टी बहा कर हर साल आती है। जिससे प्रतिवर्ष बरगी बांध का पुराव भी हो रहा। तेज बारिश के दौरान बरगी बांध में पानी का भराव होता है, जिसका प्रभाव नदी किनारे ग्रामों में देखने को मिल रहा है। बरगी बांध के इस बेक वॉटर के कारण वहां के लोगों की खेती की भूमि में पानी भर जाता है। बरगी बांध क्षेत्र में पुराव के कारण जल भराव का असर नारायणगंज क्षेत्र के ग्रामों में देखने को मिल रहा है। ऐसी स्थिति विगत कई वर्षों से बन रही है, लेकिन इससे निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन और शासन कोई पुख्ता कार्ययोजना नहीं बना रहा है।

दरअसल जिले के विभिन्न क्षेत्रों समेत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में अचानक अत्याधिक बारिश हुई। जिसके कारण जिले के कई क्षेत्रों में बाढ़ के कारण कई गांव प्रभावित हुए। तथा डूब क्षेत्र में बसे ग्रामों में किसानों के घर,व खेतों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। जिससे लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। एक दो दिन की जोरदार बारिश से मंडला समेत सिवनी जिले के दर्जनों ग्राम प्रभावित हुए। वहीं बाढ़ प्रभावितों को राहत शिविर में शरण दी गई लेकिन लोगों का जो नुकसान हुआ उसका मुआवजा अब तक नहीं दिया गया है। लोगों ने मांग की है कि बाढ़ के कारण हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए।

जानकारी अनुसार विकासखंड नारायणगंज मुख्यालय के समीप बरगी बांध के बैंक बीटर क्षेत्र के पास बसे में अचानक हुई वारिस और बांध के गेट खुलने के कारण इन ग्रामों में जल भराव हो गया। जिससे यहां रहने वाले रहवासियों को राहत कैम्प का सहारा लेना पड़ा। वहीं ग्रामीणों की खेती भूमि इस बड़े जल स्तर की चपेट में आ गई। जिससे ग्रामीणों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। बरगी बांध के बेक वॉटर क्षेत्र किनारे बसे ग्राम कुम्हा, चिरी, पदमी, गौरी, नारायणगंज, पडरिया, इत्यादि।

ग्रामीणों ने बताया कि विगत दिवस अचानक जोरदार तेज बारिश के कारण नदी, नाले उफान पर आ गए थे। वहीं बरगी बांध के ऊपर नर्मदा और उसकी सहायक नदी बंजर व बुढनेर नदी में आई बाढ़ के पानी से कई गांवों में पानी भर गया था। बरगी बांध के गेट न खोले जाने के कारण आसपास मंडला सिवनी जिले के कई घरों और लगानी जमीनों में बांध का पानी घुस गया। वहीं कई किसानों की फसलें भी बाढ़ की चपेट में आकर खराब हो गई। बाढ़ के प्रभाव से कई मकान भी गिर गए।

दर्जनों ग्रामीणों को मिला नोटिस

बताया गया कि बरगी बांध में मिट्टी का जमात होने से बरगी बांध प्रबंधन पुराने मानकों के अनुसार बांध में पानी स्टोर कर रहे है, जबकि सालों से यहां बाढ़ के साथ आई सिल्ट, मिट्टी जमा हो रही है। जिसके कारण जल भराव होने पर इसका असर अब नारायणगंज क्षेत्र के नर्मदा नदी किनारे बसे ग्रामों में देखने को मिल रहा है। हर साल यहां बाढ़ की स्थिति में घरों और खेतों में पानी समा जाता है, जिसके कारण काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इस वर्ष भी ऐसी ही स्थिति निर्मित हुई। जिसके बाद लोगों को राहत कैम्प में शरण दी गई। अब स्थिति सामान्य है, लोग वापस आपने घरों पर लौट गए है लेकिन इनमें से कुछ दर्जनों लोगों को घर खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया है। इस स्थिति को निपटने के लिए प्रशासन ना तो सक्रियता दिखा रहा है, ना ही नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दे रहा है। अब घर खाली करने के नोटिस के बाद लोग बिना सहायता के कहां और कैसे अपना नया आशियाना बनाएंगे।

इनका कहना है……
हमारा घर बरगी बांध के समीप है,पर इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ की नर्मदा नदी का पानी हमारे घरों में घुसा। शासन प्रशासन द्वारा हमें राहत शिवर पर पहुंचा दिया गया। इस बाढ़ के पानी से जो लोगों का नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। हमारे खेतों की फसलें खराब हो गई है। बरगी बांध प्रबंधन की लापरवाही के कारण हमारी सभ्यता संस्कृति जीवन शैली पर प्रभाव पड़ रहा है। हम गरीबों के साथ धोखा किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों, नेताओं को इस मामले को संज्ञान में लेकर पीड़ितों को मुआवजा
दिलाया जाए।
राजेश्वर बर्मन, ग्राम पदमी

इनका कहना है…..
जोरदार बारिश के बाद बरगी बांध का जल स्तर ज्यादा हो जाने से हमारे घर तक जल का भराव हो गया था। तहसीलदार मौके मौके पर आकर जायजा लिए और सुबह हमें शासकीय स्कूल में रहने के लिए बोला गया था। इसके बाद अब तहसीलदार द्वारा घर खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया है। बिना मुआवजा के हम कहां अपना घर बसाएंगे। प्रशासन इस प्राकृति आपदा के लिए मुआवजा नहीं दे रही है।
आनंद कुमार सिंगरौरे, ग्राम खेरी

इनका कहना है……
बांध जब बना था तो मेरा खेत बरगी बांध के जल भराव के समीप ही था, लेकिन समय के साथ अब बरगी बांध का जल स्तर बढ़ता जा रहा है, जिससे बांध का पानी मेरा खेते तक पहुंच जाता है, मेरी खेती की भूमि पूरी डूब जाती है। हर साल बोई हुई फसल खराब हो जाती है, कोई अधिकारी हमारी सुध नहीं ले रहा ना कोई नुकसान के मुआवजे की बात करता है।
प्रहलाद सिंगरौरे, ग्राम पडरिया

इनका कहना है……
हर साल बाढ़ में नर्मदा नदी से हजारों टन मिट्टी, कापू बरगी बांध क्षेत्र में जमा हो रही है। जिससे नर्मदा नदी के कई क्षेत्रों में पुराव हो गया है, नर्मदा उथली हो गई है. बरगी बाध प्रबंधन पुराने मानकों के आधार पर या ऊचाई के आधार पर बरगी बांध में जल भराव करते है। जिसका असर नारायणगंज क्षेत्र में अब देखने को मिल रहा है। संबंधित अधिकारियों को एक बार फिर सर्व कराना बाहिए, जिससे लोगों को नुकसान ना हो।
दुर्गेश सिंगरौरे, भारतीय आम नागरिक देश संघर्ष युवा संगठन, समाजसेवी
*
इनका कहना है…..
बरगी बांध वाले अब अपने जल स्तर को हर साल बढ़ा रहे है जिससे अब हमारी लगानी जमीन में पानी आने लगा है जिससे हमारी धान फसल खराब हो रही है ,ये हाल बांध से लगे सभी किसानों का है।, खुब्बी लाल सिंगरोरे, ग्राम मेली

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September 28, 2024

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