शहडोल– मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल जिले के समग्र विकास को रफ्तार देते हुए ₹461 करोड़ 73 लाख की लागत वाले 134 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया है। इन दूरगामी परियोजनाओं से जिले के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर), शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और खेल सुविधाओं का कायाकल्प होगा।
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की इस श्रृंखला में ₹82 करोड़ 28 लाख की लागत वाले 45 कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया, जबकि ₹379 करोड़ 45 लाख की लागत वाले 89 नए निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कर उनकी आधारशिला रखी।
📌 विभागवार विकास कार्यों का पूरा लेखा-जोखा:
1. जनजातीय कार्य विभाग (38 बड़े प्रोजेक्ट्स)
• जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए विभाग के अंतर्गत 38 निर्माण कार्य शुरू किए जा रहे हैं।
• इसके तहत सोहागपुर, जयसिंहनगर, गोहपारू और बुढ़ार विकासखंडों के शासकीय विद्यालयों के नए भवन, हाई-टेक छात्रावास और सर्वसुविधायुक्त आश्रम शालाएं बनाई जाएंगी।
2. लोक निर्माण विभाग (सड़कों और पुलों का सुदृढ़ीकरण)
• क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए 36 प्रमुख निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।
• ग्रामीण इलाकों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए पहुंच मार्ग, पुरानी सड़कों का डामरीकरण और नदियों पर नए पुलों का निर्माण शामिल है, जिससे राहगीरों का सफर आसान होगा।
3. उच्च शिक्षा व पुलिस अधोसंरचना का विस्तार
• शिक्षा के क्षेत्र में कन्या शिक्षा परिसर गोहपारू का निर्माण और शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज बुढ़ार का नवीनीकरण किया जाएगा।
• कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कुआं व खतौली थाना परिसरों में नए पुलिस आवास और प्रशासनिक भवनों का निर्माण किया जा रहा है।
4. वन, ऊर्जा और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन
• क्षेत्र की बिजली समस्या को दूर करने के लिए 33/11 केवी के नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे।
• युवाओं और खेल प्रेमियों के लिए आधुनिक खेल मैदान, फुटबॉल एरीना, बैडमिंटन कोर्ट और वॉलीबॉल कोर्ट विकसित किए जाएंगे।
💬 “सड़क, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं से सुदृढ़ होगा ग्रामीण अंचल”
इस महा-अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को खत्म करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन और टंकियों का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इन सभी विकास कार्यों का मुख्य उद्देश्य शहडोल के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाना और युवाओं को शिक्षा व खेल के बेहतर अवसर देना है।
भूमिपूजन की चमक या जमीनी हकीकत: क्या शहडोल को सच में मिलेगा विकास या पहले की तरह साबित होगा ‘झुंझुना’?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शहडोल को 461 करोड़ रुपये की सौगात देना सुनने में बेहद आकर्षक लगता है। कागजों पर योजनाएं चमचमा रही हैं और विभागवार करोड़ों के बजट बांट दिए गए हैं। लेकिन, एक आम और सजग नागरिक के मन में आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये घोषणाएं सच में जमीन पर उतरेंगी, या चुनावी और प्रशासनिक वादों की तरह सिर्फ एक ‘झुंझुना’ साबित होंगी?
जनता ने इससे पहले भी कई बार बड़े-बड़े भूमिपूजन और शिलान्यास देखे हैं, जो सालों तक सिर्फ एक पत्थर बनकर रह जाते हैं। ठेकेदारों की लेत-लतीफी, बजट की कमी और प्रशासनिक कछुआ चाल के कारण कई बार योजनाएं ठंडे बस्ते में चली जाती हैं।
इस बार भी असली परीक्षा उन 89 निर्माण कार्यों (379 करोड़ रुपये) की है, जिनका सिर्फ भूमिपूजन हुआ है। इसमें स्कूल, छात्रावास, पुलिस आवास और सड़कें शामिल हैं। जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है
शहडोल से सत्येन्द्र सोनी



