
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले और संभाग की कृषि उपज मंडियों में फार्मगेट एप (MP Farm Gate App) के माध्यम से होने वाली खरीदी पर ₹2 लाख तक का नगद भुगतान अचानक बंद कर दिए जाने से हड़कंप मच गया है। शासन द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के 13 अगस्त 2026 से इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया है, जिसके कारण क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या को लेकर जिला व्यापारी संघ शहडोल ने मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड (मंडी बोर्ड), भोपाल के प्रबंध संचालक और कृषि उपज मंडी समिति शहडोल के सचिव को पत्र लिखकर पूर्व की भांति ₹2 लाख तक नगद भुगतान की व्यवस्था को पुनः बहाल करने की मांग की है।
व्यापारी संघ का कहना है कि शहडोल जिला और संभाग मुख्य रूप से ST/SC बाहुल्य क्षेत्र है। यहाँ के अधिकांश किसान बेहद पिछड़े और गरीब हैं, जो पूरी तरह से अपनी उपज के तत्काल नगद क्रय-विक्रय पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा शहडोल संभाग में मंडियों के नए वर्गीकरण के कारण 5 मंडियां अभी भी ‘D’ क्लास की हैं और यहाँ कुल 7 मंडियां संचालित हैं। क्षेत्र में पर्याप्त ‘प्रांगण’ (मंडी कैंपस) का भी अभाव है, जिसके कारण अधिकतर किसान फार्मगेट एप के माध्यम से ही अपने घर या खलिहान से सीधे उपज बेचते हैं। शासन के इस नए फैसले से ऑनलाइन भुगतान की अनिवार्य शर्त के कारण व्यापारी दिनभर सर्वर और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिससे व्यापार पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गया है।
जिला व्यापारी संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता का आधिकारिक बयान
जिला व्यापारी संघ शहडोल के अध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता ने किसानों और व्यापारियों की इस साझा समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है:
“हमारा शहडोल जिला और पूरा संभाग जनजातीय (ST/SC) बाहुल्य क्षेत्र है। यहाँ के स्थानीय और गरीब किसान आज भी पूरी तरह से अपनी उपज को तुरंत बेचकर नगद राशि प्राप्त करने पर निर्भर हैं। उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और खेती के खर्चों के लिए तत्काल कैश की आवश्यकता होती है।शासन द्वारा 13 अगस्त 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना के फार्मगेट एप पर मिलने वाली ₹2 लाख तक की नगद भुगतान व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। इस फैसले ने मंडियों और ग्रामीण व्यापार की कमर तोड़ दी है। शहडोल संभाग में बुनियादी ढांचे और बड़े मंडी प्रांगणों की कमी है, जिसके चलते यहाँ के किसान फार्मगेट एप के भरोसे ही सीधे अपनी फसल बेच पा रहे थे।अब पूरी तरह ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य होने से व्यापारियों को दिनभर नेटवर्क और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल होने जैसी समस्याओं से प्रताड़ित होना पड़ रहा है। मंडी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हम शासन और मंडी बोर्ड से पुरजोर मांग करते हैं कि क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति को देखते हुए पूर्व की तरह फार्मगेट एप पर ₹2 लाख तक के नगद भुगतान के प्रावधान को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि मंडियां सुचारू रूप से संचालित हो सकें और हमारे किसान भाइयों को परेशान न होना पड़े।”
यह मांग पत्र जिला व्यापारी संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता, महामंत्री प्रकाश ओचानी और कोषाध्यक्ष लक्ष्मीचन्द्र बजाज ,मनीष केसरवानी, राजू गुप्ता, अनीश गुप्ता, विकास सोनी, राहुल सोनी, अनिल गुप्ता, राहुल सोनी, मनीष गुप्ता, काशी गुप्ता ,मुरली तथा अन्य व्यापारी ने अधिकारियों को प्रेषित किया गया है।
शहडोल से सत्येंद्र सोनी



