शहडोल—-भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में त्योहारों और आगामी समय से पहले एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। पुलिस मुख्यालय (PHQ), भोपाल ने राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थ 157 सहायक उपनिरीक्षक (ASI) / कार्यवाहक उपनिरीक्षकों को उपनिरीक्षक (SI – जिला पुलिस बल) के पद पर प्रमोट करने का आदेश जारी कर दिया है।
यह आदेश पुलिस मुख्यालय के पुराने आदेशों और विभागीय पदोन्नति समिति (Review DPC) की रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है।
वेतनमान और वरिष्ठता का लाभ
आदेश के मुताबिक, इन सभी लोक सेवकों को उपनिरीक्षक के रिक्त पदों पर स्थानापन्न/अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक प्रमोट किया गया है। इन अधिकारियों को वरिष्ठता सूची के अनुसार उनके वर्तमान पदस्थापना जिलों में ही यथावत रखते हुए वेतनमान 9300-34800 + 3600 ग्रेड पे (मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 में विनिर्दिष्ट पे-मैट्रिक्स लेवल-9) का लाभ कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से मिलेगा।
सूची में इन प्रमुख जिलों के अधिकारी शामिल
जारी की गई 157 अधिकारियों की इस विस्तृत सूची में जबलपुर, भोपाल शहर, इंदौर शहर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, रीवा, सागर, दतिया, छतरपुर, शिवपुरी और गुना समेत प्रदेश के लगभग सभी जिलों के जांबाज पुलिसकर्मी शामिल हैं। सूची में कृष्ण कुमार शुक्ला (जबलपुर), यादवेंद्र गिरी (जबलपुर), परवीन खान (भोपाल), किशोर टोप्पो (गुना), श्रीनिवास तिवारी (शहडोल) और नंदकिशोर झा (श्योपुर) जैसे कुल 157 नाम शामिल हैं।
PHQ ने जारी किए कड़े निर्देश (शर्तें)
पुलिस मुख्यालय ने इस प्रमोशन लिस्ट के साथ कुछ बेहद जरूरी और कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं:
- जांच या निलंबन होने पर रोक: यदि प्रमोट होने वाले किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई विभागीय जांच (DE), आपराधिक मामला या कोर्ट में चालान लंबित है, तो उन्हें प्रमोट करके कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सीधे इकाई प्रमुख (SP/DCP) की होगी।
- ट्रेनिंग अनिवार्य: जिन पुलिसकर्मियों ने एएसआई पद का मूलभूत प्रशिक्षण (Basic Training) पूरा नहीं किया है, उन्हें भी फिलहाल कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा।
- संवर्ग की जांच: यदि प्रमोट हुए कर्मचारियों में से कोई जिला बल के अलावा किसी अन्य संवर्ग (जैसे ट्रेड, विसबल आदि) का है, तो वे जिला संवर्ग में ज्वाइनिंग नहीं लेंगे और इसकी सूचना तुरंत मुख्यालय को दी जाएगी।
इस बड़े प्रमोशन से पुलिस महकमे में हर्ष का माहौल है और माना जा रहा है कि जमीनी स्तर पर कानून व्यवस्था को मजबूत करने में इससे काफी मदद मिलेगी।
शहडोल से सत्येन्द्र सोनी





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