अयोध्या धाम की पावन धरती पर श्रीरामलीला मंडल छिंदवाड़ा का तीन दिवसीय भव्य मंचन प्रारंभ सांसद ने निभाई राजा जनक की भूमिका

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December 13, 2025

by india Khabar 24

 

 

छिंदवाड़ा/ अयोध्या धाम।
वर्ष 1889 लगातार छिंदवाड़ा में भगवान श्री राम जी की लीलाओं का मंचन कर रही छिंदवाड़ा के श्री रामलीला मंडल ने एक समय यह संकल्प लिया था कि जब भगवान श्री राम जी का मंदिर अयोध्या में बन जाएगा तब अयोध्या में जाकर रामलीला का मंचन करेंगे। सभी के साझा प्रयासों, मजबूत इच्छाशक्ति एवं दृढ़ संकल्प से शनिवार को तीन दिवसीय श्रीराम लीला का मंचन अयोध्या में प्रारंभ हुआ।

श्रीराम लीला मंडल के अध्यक्ष अरविंद राजपूत ने बताया कि भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या धाम स्थित राम की पेड़ी के पावन तट पर श्री रामलीला मंडल छिंदवाड़ा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव का शुभारंभ अत्यंत भव्य, गरिमामय एवं भक्तिमय वातावरण में हुआ। प्रथम दिवस रामकथा के प्रारंभिक एवं महत्वपूर्ण प्रसंगों के सजीव मंचन के साथ सम्पन्न हुआ, जिसे देखकर देशभर से आए श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। प्रथम दृश्य में भगवान शंकर द्वारा माता पार्वती को श्रीरामकथा सुनाने का भावपूर्ण मंचन प्रस्तुत किया गया। श्री मुख्य निर्देशक वीरेंद्र शुक्ल ने बताया कि समस्त देवगणों का भगवान विष्णु के समक्ष उपस्थित होकर पृथ्वी पर अवतार लेने की प्रार्थना का दृश्य मंचित हुआ, जिसने कथा की आध्यात्मिक पृष्ठभूमि को सुदृढ़ किया। अगले दृश्य में ऋषि शृंगी द्वारा राजा दशरथ के लिए पुत्रेष्टि यज्ञ सम्पन्न कराने का प्रभावशाली मंचन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार एवं यज्ञ विधि ने राम की पेड़ी क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। इसके पश्चात दशरथ दरबार में महर्षि विश्वामित्र के आगमन तथा राम-लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इस दृश्य में दोनों राजकुमारों के शौर्य, मर्यादा और आज्ञापालन का सुंदर चित्रण देखने को मिला। प्रथम दिवस का प्रमुख आकर्षण सीता स्वयंवर का भव्य मंचन रहा। माता सीता के पिता की भूमिका में छिंदवाड़ा पांढुर्णा संसदीय क्षेत्र के सांसद विवेक बंटी साहू ने सभी दर्शकों को प्रभावित किया। धनुष यज्ञ के दौरान विभिन्न राजाओं के असफल प्रयासों और अंततः भगवान श्रीराम द्वारा शिवधनुष भंग करने के दृश्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। पूरा परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।
इसके उपरांत राम राज्याभिषेक की घोषणा, कैकेयी-मंथरा संवाद, दशरथ-कैकेयी संवाद तथा राम-सीता-लक्ष्मण संवाद जैसे मार्मिक प्रसंगों ने कथा को भावनात्मक गहराई प्रदान की। प्रथम दिवस का समापन कोप भवन से राम, सीता एवं लक्ष्मण के वनगमन हेतु प्रस्थान, निषादराज से मिलन तथा केवट द्वारा चरण पखारने के करुण एवं भक्तिपूर्ण दृश्य के साथ हुआ। इन प्रसंगों ने त्याग, सेवा और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
अयोध्या धाम की पावन भूमि पर श्री रामलीला मंडल छिंदवाड़ा के कलाकारों द्वारा प्रथम दिवस का किया गया यह मंचन दर्शकों के लिए अविस्मरणीय रहा। अभिनय, संवाद, वेशभूषा, संगीत एवं मंच सज्जा की सर्वत्र प्रशंसा की गई। प्रथम दिवस अतिथि के रूप में महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद जी, महंत सियाराम शरण जी महाराज, महंत रामचंद्र दास जी, डॉ बांकेबिहारी मणि त्रिपाठी एवं आलोक मिश्र जी,कमलाकांत सुंदरम जी सहित मंडल के संरक्षक कस्तूरचंद जैन, राजू चरणागर, सतीश दुबे, विनोद विश्वकर्मा, विजय आनंद दुबे आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन तरुन जैन द्वारा किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संतजन एवं रामभक्त उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने जानकारी दी कि श्रीरामलीला महोत्सव के आगामी दो दिवसों में रामकथा के अन्य महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी प्रसंगों का भव्य मंचन किया जाएगा। जिसमें आज भरत मिलाप से लेकर तक का मंचन किया जाएगा। अयोध्या के श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने की अपील की गई है

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December 13, 2025

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