तय हुई प्राण प्रतिष्ठा की रूपरेखा:
15 जनवरी को गर्भगृह लाया जाएगा रामलला को वो हिस्सा जिसकी प्राण प्रतिष्ठा होनी है।
16 जनवरी को अधिवास अनुष्ठान शुरू होगा जो प्राण प्रतिष्ठा का पहला कार्यक्रम है।
17 जनवरी को रामलला के हिस्सा को नगर भ्रमण के लिए निकाला जाएगा।
18 जनवरी से प्राण प्रतिष्ठा की विधि प्रारंभ होगी।
19 जनवरी को यज्ञअग्नि की स्थापना की जाएगी।
20 जनवरी को गर्भगृह को 81 कलशों में लाए गए सरयू जल से धोने के बाद वास्तु की पूजा होगी।
21 जनवरी को रामलला को तीर्थों के 125 कलशों के जल से स्नान कराया जाएगा।
22 जनवरी को मध्यान्ह मृगशिरा नक्षत्र में प्राण प्रतिष्ठा होगी।
नेपाल के जनकपुर से शुरू हो चुकी है यात्रा, 29 दिसंबर को पहुंचेगी अयोध्या और नेपाल का पवित्र जल जल राम मंदिर ट्रस्ट को सुपुर्द कर दिया जाएगा।
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