बरगी बांध क्षेत्र में प्रस्तावित चुटका परमाणु परियोजना निरस्त कर बरगीकर बरगी विस्थापितोंं का पुनर्वास को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम

Posted on

June 11, 2023

by india Khabar 24

 अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

 सिवनी जिले के घंसौर विकासखंड का मामला

घंसौर–ईश्वर दीक्षित

जैसा की आपको ज्ञात है कि संविधान के अनुच्छेद 244 में यह व्यवस्था है कि अनुसूचित क्षेत्रों में राज्यों की कार्यपालन शक्ति को पांचवी अनुसूचि के प्रावधानों (धारा- 2) में शिथिल किया गया है।अर्थात अनुसूचित क्षेत्रो की प्रशासनिक व्यवस्था में राज्यपाल को सर्वोच्च शक्ति एवं अधिकार दिया गया है। पांचवी अनुसूचि की धारा 5 (1) राज्यपाल को विधायिका की शक्ति प्रदान करता है और यह शक्ति संविधान के किसी भी प्रावधानों से मुक्त है। प्रावधान किया गया है कि आदिवासियों से किसी प्रकार के जमीन हस्तांतरण का नियंत्रण करना राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है। जल जंगल और जमीन आदिवासियों की आजिविका का मुख्य साधन है। इसके खत्म होने से स्थानीय आदिवासी समुदाय का पलायन और भूखमरी के शिकार होंगे।

नर्मदा घाटी में बने बरगी बांध क्षेत्र के विस्थापित गांव चुटका विकास खंड नारायणगंज जिला मंडला में चुटका परमाणु बिजलीघर प्रस्तावित है। इस सबंध में हम निम्न तथ्य आपके समक्ष प्रस्तुत करते हैं :-

(1) बरगी बांध से मंडला,सिवनी एवं जबलपुर जिले के 162 आदिवासी बाहुल्य गांव विस्थापित एवं प्रभावित हुआ है। उस समय प्रदेश में कोई पुनर्वास नीति नहीं होने के कारण विस्थापितों के लिए कोई पुनर्वास योजना नहीं बना था। विस्थापितों ने अपने पुनर्वास अधिकार के लिए लम्बा संघर्ष किया तब जाकर कुछ व्यवस्था बना है। परन्तु अभी भी कुछ मामले लंबित है। जैसे वन अधिकार कानून के अन्तर्गत व्यक्तिगत और सामुदायिक अधिकार से पात्र व्यक्ति वंचित है, अर्जित परन्तु डूब में नहीं आई भूमि की सहित नदी किनारे बसे अनेक शहर और ग्राम वासियों पर पड़ेगा। क्योंकि वहां की जलापूर्ति नर्मदा नदी से होता है।

(4) आपदा प्रबंधन संस्थान, भोपाल की एक रिपोर्ट के अनुसार मंडला जिले की टिकरिया (नारायणगंज) भूकंप संवेदी क्षेत्रों की सूची में दर्शाया गया है। वर्ष 1997 में नर्मदा किनारे के इस क्षेत्र में 6.4 रेक्टर स्केल का विनाशकारी भूकंप आ चुका है।

नर्मदा घाटी के फॉल्ट जोन और इंडियन प्लेट्स के लगातार मूवमेंट के कारण दरार बढने से भूकंप के खतरे को बढा दिया है। इसके अलावा नर्मदा घाटी में बने बांधो के कारण दरारों में पानी भर रहा है। इससे चट्टानों का संतुलन प्रभावित होने की आशंका है। बीते तीन साल में नर्मदा और सोन नदी घाटी जिलों में धरती के नीचे 37 बार भूकंप आ चुका है। नर्मदा घाटी के जिन 15 जिलों को संवेदनशील माना गया है, वहां विकास कार्यो के लिए कितने कहां-कहां कितनी तीव्रता के विस्फोट किये गए हैं, उसकी निगरानी आवश्यक है। चुटका परियोजना के निर्माण में भी भारी तीव्रता का विस्फोट किया जाएगा। जिसके कारण भूगर्भीय हलचल से इंकार नहीं किया जा सकता है।

(5) प्रदेश की जनता परमाणु संयंत्र से बनने वाली बिजली का दर जानना चाहती है। जो नहीं बताया जा रहा है, जबकि उत्पादित बिजली का 50 प्रतिशत मध्यप्रदेश सरकार को खरीदना है। ज्ञात हो कि वर्ष 2020 के सरकारी आंकड़े अनुसार प्रदेश में नवीकरणीय उर्जा की क्षमता 3965 मेगावाट है। जबकि प्रदेश के विभिन्न अंचलो में 5 हजार मेगावाट की सोलर पावर प्लांट निर्माणाधीन है। प्रदेश में मांग से 50 फीसदी बिजली ज्यादा उपलब्ध है। वर्ष 2019-20 में कुल 28293.97 मिलियन यूनिट यानि 2 अरब 82 करोङ 93 लाख 97 हजार 726 यूनिट बिजली सरेंडर की गई थी। मध्यप्रदेश पावर मेनेजमेन्ट कम्पनी ने पिछले पांच साल में बिना बिजली खरीदे विधुत कम्पनियों को 12834 करोड़ रुपए का भुगतान बतौर फिक्स चार्ज कर दिया है। एनटीपीसी को ही वित्तीय वर्ष 2023-24 में पावर मेनेजमेन्ट कम्पनी को बिना बिजली लिए तीन हजार करोड़ रुपए चुकाने होंगे। जबकि मध्यप्रदेश पावर मेनेजमेन्ट कम्पनी ने 2016 में एनटीपीसी को पत्र लिखकर बिजली सरेंडर करने का अनुरोध किया था। वर्ष 2014 से 2020 तक विधुत कम्पनियों का घाटा 36812 करोड़ रुपए और कर्ज 50 हजार करोड़ रुपए पार हो गया है। इस कारण प्रदेश के हर

बिजली उपभोक्ता पर 25 हजार का कर्ज है। अगर विधुत कम्पनिया चुटका परमाणु संयंत्र से महंगी बिजली खरीदी अनुबंध करती है तो प्रदेश की 1.30 करोङ बिजली उपभोक्ताओ को ही आर्थिक बोझ उठाना होगा। जबकि उपभोक्ता महंगी बिजली के कारण पहले से परेशान है।

अतः स्वच्छ और सस्ती उर्जा के विकल्प की दिशा में आगे बढ़ना ही प्रदेश के हित में होगा। उपरोक्त तथ्यों के मद्देनजर इस चुटका परमाणु संयंत्र को निरस्त किया जाए। उपस्थित जन प्रतिनिधि चंद्रशेखर चतुर्वेदी पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष और वर्तमान जनपद सदस्य घंसौर सुखदेव पंद्रे जनपद सदस्य घंसौर लोकु प्रसाद मरकाम जनपद सदस्य घंसौर मनीराम ककोडिया जनपद सदस्य घंसौर  परसराम उइके समस्त ग्राम बासी

Posted on

June 11, 2023

by india Khabar 24

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने 100 रेल कर्मियों और सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रीय रेलों को 26 शील्ड प्रदान की पश्चिम मध्य रेल को मिली ओवरऑल एफिशियंसी शील्ड एवं बिक्री प्रबंधन शील्ड

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने 100 रेल कर्मियों और सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रीय रेलों को 26 शील्ड प्रदान की पश्चिम मध्य रेल को मिली ओवरऑल एफिशियंसी शील्ड एवं बिक्री प्रबंधन शील्ड

Scroll to Top