
जबलपुर मध्यप्रदेश
भंवरताल गार्डन में अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस का बृहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर आयुक्त निःशक्तजन मध्यप्रदेश संदीप रजक ने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा लोग सांकेतिक भाषा को सीखें और समझें क्योंकि श्रवण बाधित दिव्यांगजनो के पास बोलने वाली भाषा सीखने का विकल्प नहीं है।
यही वजह है कि इस वर्ष विश्व बधिर महासंघ ने “साइन लैंग्वेज यूनाइट अस” यानि “सांकेतिक भाषा हमें एक करती है” को इस दिवस की थीम रखा है, यह सराहनीय है। यह भाषा लोगों को जोड़ने का काम करने के साथ उनकी संवेदनशीलता को भी जागृत और परिष्कृत करने का काम करेगी। मुख्य अतिथि चंद्रशेखर जी ने कहा कि सरकारों के साथ सामाजिक स्तर पर भी किए गए प्रयास इस दिशा में सार्थक हो सकती है और सांकेतिक भाषाओं को वैश्विक एकता के लिए एक उपकरण के तौर पर उपयोग में ला सकते हैं। दिव्यांग सेवा केंद्र जिला स्तर पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर डॉ पवन स्थापक, कमलाकांत पांडे, पियूष जैन, डीएल तिवारी, महाकोशल बधिर संघ से प्रमोद नायर, गौरव कोचर सहित बड़ी संख्या में श्रवण बाधित दिव्यांगजन शामिल रहे।


